आज जब हम भारतीय क्रिकेट को देखते हैं, तो एक चेहरा ऐसा है जिससे सुकून भी मिलता है और एक अजीब सा दर्द भी महसूस होता है। वह चेहरा है—रोहित शर्मा का। रोहित सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक एहसास हैं। एक ऐसे कप्तान जिन्होंने भारतीय क्रिकेट को अपना सब कुछ दिया, लेकिन तकदीर ने उन्हें कई बार आखिरी मोड़ पर आकर सिर्फ आंसू दिए।
2023 का वह अधूरा ख्वाब रोहित ने कई मौकों पर ईमानदारी से अपने उस अधूरे ख्वाब का इजहार किया है, जिसे वह बचपन से देख रहे थे—वनडे वर्ल्ड कप जीतना। 2011 में चोट के कारण टीम से बाहर होना और फिर 2023 के फाइनल में जीत के करीब आकर चूक जाना, यह कसक रोहित के चेहरे पर आज भी साफ पढ़ी जा सकती है। यह भूख किसी पर्सनल रिकॉर्ड के लिए नहीं, बल्कि उस एक ट्रॉफी के लिए है जो उनके करियर का सबसे खूबसूरत पन्ना हो सकती है।
साउथ अफ्रीका में अनुभव का ब्रह्मास्त्र 2027 का वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका की तेज और उछाल भरी पिचों पर होना है। बीसीसीआई का युवा विज़न अपनी जगह सही हो सकता है, लेकिन वनडे जैसे धैर्यशील फॉर्मेट में सिर्फ युवा जोश काफी नहीं होता। इमरान खान और सनथ जयसूर्या जैसे दिग्गजों ने साबित किया है कि उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है। जब दबाव सातवें आसमान पर होता है, तब अनुभव ही टीम को बिखरने से बचाता है। रोहित का शांत स्वभाव और पैनिक सिचुएशन को संभालने की कला इस वर्ल्ड कप के लिए किसी ब्रह्मास्त्र से कम नहीं है।
सौतेले बर्ताव का सवाल दुखद यह है कि हर रोज मीडिया रिपोर्ट्स में रोहित के भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जाती हैं। कभी वजन तो कभी उम्र के नाम पर उन्हें सवालों के घेरे में खड़ा किया जाता है। कोहली की फिटनेस पर उन्हें बायपास मिल सकता है, तो रोहित के साथ यह संशय क्यों? मुख्य चयनकर्ता और हेड कोच को चाहिए कि वे रोहित से सीधे संवाद करें और उन्हें वह विश्वास दें जिसके वे हकदार हैं।
निस्वार्थ खेल और बदली हुई पहचान रोहित ने कप्तान बनने के बाद टीम इंडिया की पहचान बदल दी है। उन्होंने अपने पर्सनल माइलस्टोन की परवाह किए बिना मैच की पहली गेंद से हमला करना शुरू किया, जिसने भारतीय टीम को एक नया आक्रामक तेवर दिया है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को निस्वार्थ भाव से खेलना सिखाया है।
एक परफेक्ट हैप्पी एंडिंग की दरकार क्रिकेट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, यह जज्बातों का सफर है। करोड़ों फैंस की यह जिद है कि रोहित शर्मा का करियर किसी टीस के साथ नहीं, बल्कि वर्ल्ड कप ट्रॉफी को उठाकर खत्म हो। यह सिर्फ रोहित की जरूरत नहीं है, बल्कि भारतीय क्रिकेट फैंस की वह कामना है जो इस हिटमैन के लिए एक सम्मानजनक और यादगार विदाई देखना चाहती है।
समय आ गया है कि अटकलों का बाजार बंद हो और रोहित को उस मंजिल तक पहुंचने का मौका मिले, जिसके वह वर्षों से हकदार रहे हैं। अंत में, यह कहानी सिर्फ जीत पर नहीं, बल्कि एक योद्धा की जिद और उसके फैरीटेल अंत पर खत्म होनी चाहिए।
*My respect for Rohit Sharma has increased because he also suffered a hamstring injury, but he didn’t take any risks and missed five IPL matches. His hunger is not for the IPL, it’s for the 2027 World Cup. He can miss IPL matches, but not ODI matches.🙌🇮🇳#rohitsharma #ROKO pic.twitter.com/maGk0TjNBN
— Wankhede_Memewala (@Wankhede_wale) June 4, 2026
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