दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में लगी भीषण आग ने गुरुग्राम के सीए विवेक अग्रवाल के हंसते-खेलते परिवार की तीन पीढ़ियों को एक झटके में खत्म कर दिया। यह महज एक हादसा नहीं, बल्कि उन चेहरों की कहानी है जो अपने बुजुर्ग पिता की सेवा के लिए जुटे थे, लेकिन काल के क्रूर चक्र ने उन्हें हमेशा के लिए खामोश कर दिया।
यह कहानी शुरू होती है साकेत के मैक्स अस्पताल से, जहाँ सीए विवेक अग्रवाल के 75 वर्षीय पिता राधेश्याम फेफड़ों के गंभीर संक्रमण से जूझ रहे थे। डॉक्टरों ने परिवार को सूचित कर दिया था कि उनके पास अब बहुत कम वक्त है। अपने पिता के अंतिम दिनों में साया बनकर रहने के लिए विवेक ने मालवीय नगर के एक होटल में डेरा डाला था। राजस्थान, बेंगलुरु और गुरुग्राम से पूरा परिवार एकजुट हुआ था, ताकि दादा जी का हाथ थाम सकें। किसे पता था कि वे सब जिन्हें बचाने आए थे, खुद ही काल के गाल में समा जाएंगे।
3 जून की सुबह करीब 8:45 बजे होटल में आग भड़क उठी। 47 वर्षीय सीए विवेक अग्रवाल ने घबराहट में अपने परिजनों को फोन कर आग की सूचना दी। आरोप है कि इलाका संकरी गलियों वाला था, जिसके कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियां करीब 45 मिनट की देरी से पहुंचीं। जब तक मदद पहुंचती, बहुत देर हो चुकी थी। दम घुटने से विवेक, उनकी पत्नी तर्जनी (42), मां प्रेमलता (70), और दोनों बेटियां जीविशा (20) व वार्या (16) की मौत हो गई। विवेक की मौसी कमला और मौसा अशोक भी इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे।
हादसा इतना वीभत्स था कि विवेक की पत्नी तर्जनी के शव को पहचानना तक मुश्किल हो गया था। अंततः उनके शरीर पर मौजूद जेवरों के जरिए उनकी शिनाख्त की गई। वहीं, एक रिश्तेदार ने बताया कि हादसे वाली सुबह उन्होंने तर्जनी को नाश्ता भेजने का मैसेज किया था, जिसे पढ़ने के लिए वे जीवित ही नहीं रहीं। जीविशा और वार्या जैसी होनहार बेटियां, जिन्होंने हाल ही में शिक्षा और परीक्षा में कीर्तिमान स्थापित किए थे, अब सिर्फ यादों का हिस्सा बनकर रह गई हैं।
इस त्रासद घटना का सबसे हृदयविदारक पहलू यह है कि मैक्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती राधेश्याम जी को अब तक इस भयानक तबाही की जानकारी नहीं दी गई है। वे आज भी अपने बेटे, बहू और पोतियों का इंतजार कर रहे हैं, जो अब कभी वापस नहीं लौटेंगे। वहीं, इस अग्निकांड में अभी भी एक रिश्तेदार झवेरी का कोई अता-पता नहीं है, जिनकी तलाश जारी है।
दिल्ली पुलिस ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए होटल मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया कि जिस बिल्डिंग में पहले खादी की दुकान थी, उसे बिना पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के होटल में तब्दील कर दिया गया था। पुलिस ने होटल मालिक और उसकी पत्नी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया है। मालवीय नगर थाने में गैर-इरादतन हत्या और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सवाल यह है कि क्या यह लापरवाही किसी की जान और सपनों से बड़ी थी? फिलहाल जांच जारी है, लेकिन विवेक अग्रवाल के परिवार का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई नामुमकिन है।
VIDEO | Delhi Malviya Nagar hotel fire: Victim s family member says, Everything have been covered in news. All are aware of what has happened...
— Press Trust of India (@PTI_News) June 4, 2026
A silent grief hung in the air as the residence of chartered accountant Vivek Agarwal in Gurugram lay deserted on Wednesday after… pic.twitter.com/KguDcRnqYU
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