चीन ने अपनी हवाई ताकत में एक बड़ा इजाफा करते हुए अगली पीढ़ी की PL-16 एयर-टू-एयर मिसाइल विकसित कर ली है। यह मिसाइल न केवल वर्तमान की PL-15 मिसाइल को रिप्लेस करेगी, बल्कि इसकी मारक क्षमता और तकनीकी सटीकता भारत जैसे पड़ोसी देशों के लिए नई चिंता का सबब बन सकती है।
चीन के हालिया प्रेजेंटेशन के अनुसार, PL-16 मिसाइल की मारक रेंज 300 किलोमीटर से अधिक है। यह अमेरिका की AIM-120D (180 किमी) और चीन की ही मौजूदा PL-15 (200-250 किमी) के मुकाबले कहीं अधिक घातक है। इसे विशेष रूप से बियॉन्ड विज़ुअल रेंज (BVR) कॉम्बैट के लिए तैयार किया गया है, यानी दुश्मन के विमान को देखे बिना ही उसे लंबी दूरी से मार गिराने में यह सक्षम है।
PL-16 की सबसे बड़ी विशेषता इसका वेरिएबल-थ्रस्ट सॉलिड रॉकेट मोटर सिस्टम है। सामान्य मिसाइलों के विपरीत, यह उड़ान के दौरान ईंधन की खपत और अपनी रफ्तार को नियंत्रित कर सकती है। इसका मतलब है कि अंतिम क्षणों में भी, यदि दुश्मन का लड़ाकू विमान पैंतरे बदलकर बचने की कोशिश करता है, तो भी PL-16 अपनी बची हुई ऊर्जा से उसका पीछा कर उसे नष्ट कर सकती है।
चीन ने अपने पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमानों, J-20 और J-35 को ध्यान में रखते हुए इस मिसाइल को पतला और कॉम्पैक्ट बनाया है। इसका लाभ यह है कि ये विमान अपनी इंटरनल वेपन बे (आंतरिक आयुध भंडार) में ज्यादा संख्या में मिसाइलें ले जा सकेंगे। इससे विमान की स्टील्थ क्षमता से समझौता किए बिना उसकी मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।
PL-16 में AESA रडार सीकर और टू-वे डेटा लिंक का इस्तेमाल किया गया है। यह तकनीक इसे दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक जैमर्स के खिलाफ बेहद सुरक्षित बनाती है। रडार सिग्नल के जरिए यह मिसाइल दुश्मन के विमानों को सटीक तरीके से ट्रैक कर सकती है, जिससे इसे चकमा देना लगभग नामुमकिन होगा।
चीन का मुख्य उद्देश्य इस मिसाइल के जरिए दुश्मन के AWACS (अर्ली वार्निंग विमान) और मिड-एयर रिफ्यूलिंग टैंकरों को युद्ध के शुरुआती चरण में ही मार गिराना है। अगर ये विमान नष्ट होते हैं, तो वायुसेना की पूरी निगरानी और आपूर्ति श्रृंखला ठप हो सकती है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने पहले भी PL-15 का इस्तेमाल किया था, लेकिन भारतीय सुरक्षा प्रणालियों ने उन हमलों को विफल कर दिया था। अब चीन की इस नई मिसाइल के साथ, भविष्य के हवाई युद्ध के समीकरण और भी जटिल होने वाले हैं। भारत को अपनी रक्षा प्रणालियों में और अधिक तेजी से सुधार करने की आवश्यकता होगी।
*PL16 will incorporate multi pulse, variable thrust with 300km+ range
— Hûrin (@Hurin92) June 2, 2026
And the PL15 kill at 180km https://t.co/IsuOZ4tGUQ pic.twitter.com/0QTbbPykX2
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