देश के टेक्सटाइल और गारमेंट इंडस्ट्री के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। सरकार ने कॉटन (कपास) के आयात पर लगने वाली सभी कस्टम ड्यूटी को अस्थायी रूप से माफ कर दिया है। यह छूट 1 जून 2026 से लेकर 30 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।
सस्ता होगा कच्चा माल इस फैसले का मुख्य उद्देश्य घरेलू बाजार में कपास की उपलब्धता को बढ़ाना है। ड्यूटी हटने से टेक्सटाइल कंपनियों के लिए कच्चा माल खरीदना काफी सस्ता हो जाएगा। इससे प्रोडक्शन लागत में कमी आएगी, जिसका सीधा लाभ आने वाले समय में आम ग्राहकों को सस्ते कपड़ों के रूप में मिल सकता है।
विशेष रूप से छोटे और मध्यम स्तर के कपड़ा व्यापारियों (SMEs) के लिए यह निर्णय बड़ी राहत लेकर आया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस कदम को उठाते समय देश के कपास किसानों के हितों का भी पूरा ख्याल रखा गया है।
₹5,659 करोड़ का मेगा प्लान आयात में राहत के साथ ही, सरकार ने देश में कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए 5,659.22 करोड़ रुपये के मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी को भी मंजूरी दी है। यह मिशन वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगा।
यह मिशन सरकार के 5F विजन (Farm to Fibre to Factory to Fashion to Foreign) पर आधारित है, जिसका लक्ष्य खेत से लेकर विदेश तक कपास की वैल्यू चेन को मजबूत करना है।
वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीक इस मिशन के तहत वैज्ञानिकों की मदद से ऐसे हाई-टेक बीज तैयार किए जाएंगे, जो बीमारियों, कीटों और बदलते मौसम के प्रति प्रतिरोधी हों। कृषि विज्ञान केंद्रों और विश्वविद्यालयों के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती के तरीके सिखाए जाएंगे, ताकि प्रति हेक्टेयर पैदावार को बढ़ाया जा सके।
साथ ही, कपास की प्रोसेसिंग और टेस्टिंग यूनिट्स को अत्याधुनिक बनाया जाएगा ताकि भारतीय कपास की गुणवत्ता वैश्विक स्तर की हो सके।
2031 तक का महत्वाकांक्षी लक्ष्य सरकार ने साल 2031 तक कपास उत्पादन को 498 लाख गांठों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत प्रति हेक्टेयर उत्पादकता को मौजूदा 440 किलो से बढ़ाकर 755 किलो करने की तैयारी है।
इस पूरी कवायद से देश के लगभग 32 लाख किसानों को सीधा फायदा होगा। सरकार का मुख्य मकसद भारत को कपास उत्पादन के क्षेत्र में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाकर दुनिया का प्रमुख एक्सपोर्ट हब बनाना है।
To augment availability of cotton for the Indian textile sector, the Central Government has temporarily exempted all customs duties on import of cotton from 1st June, 2026 till 30th October, 2026.
— Ministry of Information and Broadcasting (@MIB_India) May 30, 2026
The temporary duty exemption is expected to reduce input costs across the… pic.twitter.com/bn0dFMrhSi
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