नई दिल्ली: भारत में कारोबार और वित्तीय अनुशासन की तस्वीर बदलने वाले दिवाला एवं शोधन अक्षमता कोड (IBC) ने अपने 10 साल पूरे कर लिए हैं। साल 2016 में लागू हुआ यह कानून आज देश की वित्तीय प्रणाली की रीढ़ बन चुका है।
बैंकों की जेब में आए 4.32 लाख करोड़ केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, IBC के तहत स्वीकृत समाधान योजनाओं की बदौलत बैंकों को अब तक 4.32 लाख करोड़ रुपये की रिकवरी हुई है। यह वो पैसा है, जिसे डूबता हुआ मान लिया गया था। कर्ज में डूबी कंपनियों को नीलाम कर, प्राप्त राशि से लेंडर्स का बकाया चुकाया जाता है।
जेपी एसोसिएट्स और अदाणी का कनेक्शन इस कानून का सबसे हालिया और चर्चित उदाहरण जेपी एसोसिएट्स का अधिग्रहण है। जयप्रकाश गौड़ की कंपनी जब कर्ज का बोझ नहीं उठा सकी, तो मामला NCLT के पास गया। जून 2024 में दिवालिया प्रक्रिया शुरू हुई और लंबी बोली के बाद, अदाणी ग्रुप का रेजोल्यूशन प्लान लेंडर्स को सबसे सटीक लगा। आखिरकार मार्च 2026 में NCLT ने इस अधिग्रहण को अंतिम मंजूरी दे दी।
वित्तीय प्रणाली को मिली नई ताकत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस उपलब्धि पर जोर देते हुए कहा कि IBC ने भारत के व्यापारिक माहौल को अनिश्चितता से निकालकर समाधान और पुनरुद्धार की दिशा में मोड़ा है। इससे न केवल बैंकों का भरोसा बढ़ा है, बल्कि निवेशकों के बीच भी एक सकारात्मक संदेश गया है।
बदलाव और सुधार की यात्रा 2016 से अब तक इस कानून में कई संशोधन किए गए हैं। हाल ही में दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2026 के माध्यम से इसमें और अधिक संरचनात्मक सुधार किए गए हैं, ताकि प्रक्रिया को और तेज और पारदर्शी बनाया जा सके।
आंकड़ों की जुबानी: 8,987 कंपनियों का भविष्य रेटिंग एजेंसी ICRA की रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 से मार्च 2026 तक कुल 8,987 कॉर्पोरेट देनदारों को इस प्रक्रिया के तहत शामिल किया गया। इनमें से करीब 64 फीसदी मामलों का निपटारा सफल समाधान योजनाओं, कंपनियों की वापसी या परिसमापन (Liquidation) के जरिए किया जा चुका है।
The Insolvency and Bankruptcy Code, 2016, has changed India’s approach to business distress from delay and uncertainty to resolution and revival.
— Nirmala Sitharaman Office (@nsitharamanoffc) May 28, 2026
Strengthening confidence among creditors, investors and enterprises, it has become a cornerstone of India’s financial reform… pic.twitter.com/QuXALoNj22
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