पोर्टफोलियो पर भारी पड़ सकते हैं ये 6 शेयर? ब्रोकरेज ने दी Sell की रेटिंग, तुरंत हो जाएं सावधान
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शेयर बाजार में सिर्फ सही स्टॉक चुनना ही काफी नहीं है, बल्कि कमजोर प्रदर्शन कर रहे शेयरों से समय रहते बाहर निकलना भी निवेश की सुरक्षा के लिए जरूरी है। हालिया तिमाही नतीजों और बाजार के रुझानों को देखते हुए कई बड़े ब्रोकरेज हाउसेस ने 6 प्रमुख शेयरों पर Sell रेटिंग दी है।

Divi s Laboratories: ग्रोथ पर टला संकट ब्रोकरेज ने इस शेयर पर Sell रेटिंग बरकरार रखी है। कंपनी का चौथी तिमाही का रेवेन्यू और EBITDA अनुमान से काफी कमजोर रहा है। लॉन्ग टर्म में भी ग्रोथ महज 10-11% रहने की आशंका है। वैल्युएशन के लिहाज से भी शेयर काफी महंगा नजर आ रहा है, जिसके चलते EPS अनुमानों में कटौती की गई है।

Colgate Palmolive India: मार्जिन पर दबाव का खतरा ब्रोकरेज हाउसेस का मानना है कि कंपनी प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर जोर तो दे रही है, लेकिन बढ़ता विज्ञापन खर्च और GST का असर मार्जिन पर पड़ रहा है। ग्रोथ और मुनाफे के बीच संतुलन बनाना कंपनी के लिए चुनौती बना हुआ है, जिसके कारण इसे Sell रेटिंग दी गई है।

LTIMindtree: अधिग्रहण की मुश्किल राहें कंपनी द्वारा हाल ही में किए गए अधिग्रहण पर ब्रोकरेज ने चिंता जताई है। जिस बिजनेस को खरीदा गया है, उसमें पिछले कुछ समय से गिरावट देखी गई है। अधिग्रहण के बाद इंटीग्रेशन रिस्क और क्रॉस-सेलिंग में आने वाली बाधाओं के कारण ब्रोकरेज इस शेयर को लेकर सतर्क है।

Ramco Cements: लागत बढ़ने से मुनाफा घटा मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कंपनी की लागत में प्रति टन 570 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। इतनी लागत तो कंपनी कीमत बढ़ाकर भी वसूल नहीं कर पा रही है। ब्रोकरेज ने इसका टारगेट प्राइस काफी घटा दिया है और इसे Sell की श्रेणी में रखा है।

NTPC Green Energy: वैल्युएशन पर सवाल कंपनी की कमाई में इजाफा हुआ है, लेकिन ऊंची फाइनेंस कॉस्ट और डिप्रिसिएशन ने मुनाफे (PAT) को 15% तक घटा दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि आने वाले वर्षों की जो ग्रोथ उम्मीदें हैं, वे मौजूदा शेयर भाव में पहले ही शामिल हो चुकी हैं, इसलिए अब इसमें तेजी की गुंजाइश कम है।

Info Edge: हायरिंग में कमजोरी की मार आईटी सेक्टर में छाई सुस्ती ने कंपनी के भर्ती (Recruitment) कारोबार को प्रभावित किया है। साथ ही, एजुकेशन बिजनेस में एआई (AI) आधारित चुनौतियों के कारण गिरावट देखी गई है। कंपनी का बढ़ता निवेश मुनाफे पर दबाव डाल रहा है, जिसके चलते टारगेट प्राइस में भारी कटौती की गई है।


डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

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