अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित परमाणु समझौते को लेकर अपनी मंशा साफ कर दी है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि वे ईरान के साथ कोई नया समझौता करते हैं, तो वह ओबामा युग की न्यूक्लियर डील से पूरी तरह अलग और बेहद सख्त होगा।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ओबामा प्रशासन के 2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती समझौते ने ईरान को भारी मात्रा में नकद पैसा दिया और परमाणु हथियार हासिल करने का रास्ता साफ कर दिया। ट्रंप ने कहा, हमारी डील बिल्कुल उलट होगी। इसमें ईरान को किसी भी तरह की आर्थिक राहत या कैश नहीं दिया जाएगा।
ट्रंप ने कहा कि वह किसी भी तरह की जल्दबाजी के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिए हैं कि वे बिना सोचे-समझे किसी समझौते पर हस्ताक्षर न करें। उनके अनुसार, समय हमारे पक्ष में है। दोनों पक्षों को सावधानी बरतनी होगी ताकि कोई गलती न हो।
सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ट्रंप की रणनीति का समर्थन करते हुए इसे एक बड़े कूटनीतिक बदलाव की शुरुआत बताया। ग्राहम का मानना है कि ईरान के साथ होने वाला कोई भी दीर्घकालिक समझौता अब्राहम अकॉर्ड्स के विस्तार से जुड़ा होना चाहिए, जिसमें सऊदी अरब जैसे प्रमुख मुस्लिम देशों को इजरायल के साथ सामान्य संबंधों की दिशा में आगे लाना शामिल हो।
2015 में हुए JCPOA समझौते के तहत ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने और IAEA की निगरानी स्वीकार करने के बदले आर्थिक प्रतिबंधों से राहत पाई थी। हालांकि, ट्रंप ने 2018 में इस समझौते को खराब डील बताते हुए अमेरिका को इससे अलग कर लिया था।
बीते कुछ वर्षों में अमेरिका और ईरान के बीच निरंतर टकराव देखा गया है। जून 2025 में अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले और इस साल फरवरी में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद मध्य-पूर्व में जंग जैसे हालात पैदा हो गए थे। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी कर वैश्विक स्तर पर तेल संकट भी खड़ा कर दिया था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 8 अप्रैल को हुए संघर्ष विराम के बाद अब दोनों देश किसी समझौते के करीब पहुंच रहे हैं। संभव है कि ईरान अपने यूरेनियम भंडार को नष्ट करने या किसी दूसरे देश को सौंपने पर सहमत हो जाए। हालांकि, ईरान के सत्ता गलियारों में अभी भी कई नेता ऐसी किसी भी डील का खंडन कर रहे हैं, जिससे स्थिति अब भी संवेदनशील बनी हुई है।
“The negotiations are proceeding in an orderly and constructive manner, and I have informed my representatives not to rush into a deal in that time is on our side… Both sides must take their time and get it right. There can be no mistakes!” - President Donald J. Trump 🇺🇸 pic.twitter.com/GfylPZdqBf
— The White House (@WhiteHouse) May 24, 2026
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