भारत के साथ दोस्ती और इमिग्रेशन रिफॉर्म: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का बड़ा संदेश
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एक एक्सक्लूसिव बातचीत में भारत और अमेरिका के बीच गहरे होते संबंधों पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने पीएम मोदी के साथ अपनी हालिया मुलाकात को बेहद सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्तों की नींव अब पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गई है।

रक्षा और तकनीक में बढ़ेगी साझेदारी रूबियो ने स्पष्ट किया कि यह दौरा भारत के साथ रक्षा क्षेत्र में को-प्रोडक्शन और नई तकनीक पर साथ काम करने के लिए है। उन्होंने भारतीय कंपनियों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिका में 20 बिलियन डॉलर का निवेश किया है, जो दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी की मजबूती को दर्शाता है।

क्वाड की बढ़ती प्रासंगिकता क्वाड की अहमियत पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए रूबियो ने कहा कि क्वाड न केवल महत्वपूर्ण है, बल्कि इसकी प्रासंगिकता पहले से कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि क्वाड के चार शक्तिशाली देश मिलकर रेयर अर्थ मिनरल्स जैसी वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम हैं, बशर्ते वे सही मुद्दों को प्राथमिकता दें।

ईरान और ऊर्जा सुरक्षा पर संतुलित रुख ऊर्जा जरूरतों को लेकर रूबियो ने भारत की सूझबूझ की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा आयात में विविधता लाकर एक मिसाल पेश कर रहा है। वहीं, ईरान के मुद्दे पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि ईरान का बर्ताव अवैध है और उसका समाधान कूटनीति या अन्य तरीकों से होना ही चाहिए।

ग्रीन कार्ड सिस्टम पर बड़ी सफाई भारतीयों को ग्रीन कार्ड मिलने में हो रही देरी पर रूबियो ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, यह केवल भारत की बात नहीं है, यह एक वैश्विक समस्या है जिसे ठीक करने के लिए अमेरिका अपने इमिग्रेशन सिस्टम में सुधार कर रहा है। उन्होंने माना कि सिस्टम में सुधार के दौरान शुरुआती दिक्कतें आती हैं, लेकिन लंबे समय में यह बदलाव भारत और अमेरिका दोनों के लिए अधिक स्थिर और बेहतर परिणाम लाएगा।

व्हाइट हाउस में पीएम मोदी का स्वागत अमेरिकी विदेश मंत्री ने संकेत दिया कि पीएम मोदी को जल्द ही व्हाइट हाउस में देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका उन्हें इस साल दिसंबर में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में देखने का उत्सुकता से इंतजार कर रहा है। अंत में उन्होंने दोहराया कि भारत अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोगी बना रहेगा और आने वाले समय में कई नई घोषणाएं देखने को मिलेंगी।

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