यूपी में बिजली संग्राम: अखिलेश के वार पर एके शर्मा का पलटवार, कहा- पहले खुद देखो फिर आईना दिखाओ
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उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती ने सियासी पारा बढ़ा दिया है। विपक्ष लगातार योगी सरकार को घेर रहा है, जिस पर अब ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने तीखा पलटवार किया है। अखिलेश यादव के आरोपों पर मंत्री ने सीधे शब्दों में कहा है कि पहले सपा अपने शासनकाल का आईना देखे।

सपा शासन बनाम योगी सरकार: डेटा की जंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत पोस्ट में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने आंकड़ों के जरिए तुलना की। उन्होंने कहा कि 2012-17 के सपा शासनकाल में प्रदेश की औसत पीक डिमांड मात्र 13,000 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 30,000 मेगावाट के पार पहुंच गई है। मंत्री ने दावा किया कि उस दौर में गांवों में बिजली का अता-पता नहीं होता था, जबकि अब शहरों से लेकर गांवों तक 18 से 24 घंटे बिजली दी जा रही है।

सपा राज में चरमराई थी व्यवस्था एके शर्मा ने समाजवादी पार्टी पर बिजली चोरी और कटियाबाजी को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद उपभोक्ता आधार बढ़कर 3.70 करोड़ हो गया है। मंत्री के मुताबिक, पिछली सरकारों में लचर प्रबंधन के कारण पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी थी, जिसे सुधारने का काम मौजूदा सरकार ने पूरी तत्परता से किया है।

बुनियादी ढांचे में बड़े सुधार का दावा ऊर्जा मंत्री ने बताया कि सरकार ने जर्जर तारों को हटाने, पुराने खंभे बदलने और खराब ट्रांसफॉर्मरों को अपग्रेड करने का मेगा-अभियान चलाया है। उन्होंने कहा कि यूपी आज देश के उन राज्यों में शामिल है जो सबसे अधिक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं। साथ ही, ट्रांसमिशन क्षमता को लगातार बढ़ाया जा रहा है ताकि रिकॉर्ड मांग को पूरा किया जा सके।

स्मार्ट मीटर विवाद पर बड़ी राहत विवादों में घिरे स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी शिकायतों की समीक्षा पूरी होने तक नए स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने अधिकारियों को भीषण गर्मी में ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश दिए हैं।

अखिलेश को सहयोग करना चाहिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए एके शर्मा ने कहा कि भीषण गर्मी में जब पूरी सरकार और विभाग बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए रात-दिन काम कर रहे हैं, तो अखिलेश जैसे अनुभवी नेता को सहयोग करना चाहिए। उन्होंने नसीहत दी, आईना जब भी उठाया करो, पहले खुद देखो फिर दिखाया करो। मंत्री ने अंत में कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा लगाए गए बबूल (खामियों) को उनकी सरकार समूल नष्ट कर रही है।

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