भारत ने अपनी रक्षा शक्ति को एक नई और घातक ऊंचाई दी है। निबे लिमिटेड द्वारा विकसित स्वदेशी लोइटरिंग म्यूनिशन सिस्टम वायु अस्त्र-1 ने राजस्थान के पोखरण फायरिंग रेंज में अपनी पहली टेक्निकल टेस्टिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। यह परीक्षण भारतीय सेना की जरूरतों के अनुरूप किया गया, जिसमें सेना के वरिष्ठ अधिकारी और वैज्ञानिक भी शामिल रहे।
वायु अस्त्र-1 को भारतीय सेना द्वारा मांगे गए 100 किलोमीटर रेंज वाले लोइटरिंग म्यूनिशन के जवाब में तैयार किया गया है। टेस्ट के दौरान इसने 10 किलोग्राम वॉरहेड के साथ 100 किलोमीटर दूर स्थित अपने लक्ष्य को पहली ही बार में नेस्तनाबूद कर दिया। इसकी सटीकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसने 1 मीटर से भी कम के सर्कुलर एरर प्रोबेबल (CEP) को हासिल किया, यानी यह बिल्कुल सटीक निशाना लगाने में माहिर है।
यह ड्रोन आधुनिक युद्ध की जरूरतों के हिसाब से बनाया गया है। इसमें अटैक कैंसिल (हमला रद्द करना), री-अटैक (दोबारा हमला करना) और इंटेलिजेंट टारगेट पेनिट्रेशन जैसे फीचर्स शामिल हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये क्षमताएं इसे अमेरिका, चीन और रूस के अत्याधुनिक ड्रोन्स के समकक्ष खड़ा करती हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, इस सिस्टम का आधार इजरायली लोइटरिंग म्यूनिशन तकनीक है, लेकिन इसे पूरी तरह से भारतीय सेना की भौगोलिक और सामरिक जरूरतों के अनुसार मॉडिफाई किया गया है। लोइटरिंग म्यूनिशन की खासियत यह है कि यह दुश्मन के इलाके में घंटों मंडरा सकता है, सटीक मौके का इंतजार कर सकता है और सही समय पर हमला कर सकता है।
पोखरण में हुए परीक्षण के दौरान इस ड्रोन ने अपनी नाइट विजन क्षमता भी साबित की। इन्फ्रारेड (IR) कैमरे की मदद से इसने रात के अंधेरे में एंटी-आर्मर स्ट्राइक मिशन को अंजाम दिया। खास बात यह रही कि रात में भी इसकी सटीकता 2 मीटर से कम रही, जो इसे किसी भी मौसम और समय में इस्तेमाल के लिए आदर्श बनाती है।
परीक्षण के दौरान एक और शानदार उपलब्धि हासिल हुई, जब सिस्टम का कंट्रोल ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन (GCS) से 70 किलोमीटर दूर स्थित फॉरवर्ड कंट्रोल स्टेशन (FCS) पर सफलतापूर्वक ट्रांसफर किया गया। यह क्षमता युद्ध के दौरान सेना को भारी लचीलापन और सर्वाइवल क्षमता प्रदान करती है।
सूर्यास्त्र रॉकेट प्रणाली के बाद वायु अस्त्र-1 का सफल परीक्षण भारत के मेक इन इंडिया अभियान के लिए एक मील का पत्थर है। यह दर्शाता है कि अब भारत की निजी रक्षा कंपनियां न केवल उन्नत सैन्य तकनीक बना रही हैं, बल्कि दुनिया के बड़े रक्षा निर्यातकों को चुनौती देने के लिए तैयार हैं। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है।
#WATCH | Nibe Group says - Nibe Group has successfully completed the no-cost, no-commitment demonstration of its loitering munition named Vayu Astra with 100 KM Range at Pokhran on 18-19 April 2026 & Joshimath (Malari), Uttarakhand on 26-27 April 2026.
— ANI (@ANI) May 21, 2026
Nibe Limited’s Vayu… pic.twitter.com/2jICaZoZ4x
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