धार, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक और विवादित भोजशाला परिसर में आज का दिन बेहद खास है। 721 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, आज शुक्रवार को यहां हिंदू पक्ष द्वारा विधिवत महाआरती और अखंड पूजा की जा रही है।
इतिहास में पहली बार शुक्रवार को प्रवेश हाई कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद यह पहला मौका है जब शुक्रवार के दिन परिसर में हिंदू श्रद्धालुओं का प्रवेश हुआ है। सुबह होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। इस दौरान परिसर में लगे उस पुराने बोर्ड को भी हटा या पोत दिया गया, जिस पर लिखा था कि शुक्रवार को हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है ।
गर्भगृह में मां सरस्वती की विशेष पूजा भोजशाला के गर्भगृह को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। हिंदू पक्ष द्वारा देवी सरस्वती की प्रतीकात्मक प्रतिमा के साथ विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं, जिससे परिसर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
छावनी में बदला शहर, सुरक्षा के कड़े घेरे किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने पूरे शहर को छावनी में तब्दील कर दिया है। भारी पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों को भोजशाला परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है।
कानूनी लड़ाई पहुंची सुप्रीम कोर्ट भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर का यह विवाद अब सर्वोच्च न्यायालय की चौखट पर है। हाल ही में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने इसे देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मानते हुए शुक्रवार को नमाज पर रोक लगाने का फैसला सुनाया था।
इस फैसले को मुस्लिम पक्ष (इंतेजामिया कमेटी और अन्य) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यह फैसला पुरातात्विक सबूतों के खिलाफ है और प्लेसेज़ ऑफ़ वर्शिप एक्ट, 1991 की मूल भावना का उल्लंघन करता है।
हिंदू पक्ष की केविएट याचिका दूसरी ओर, मुस्लिम पक्ष द्वारा फैसले को चुनौती देने की आशंका को देखते हुए हिंदू पक्ष ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट में एक केविएट याचिका दायर कर रखी है। हिंदू पक्ष का आग्रह है कि इस मामले में किसी भी तरह का आदेश पारित करने से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए। फिलहाल, पूरे देश की निगाहें इस संवेदनशील मामले और धार की स्थिति पर टिकी हुई हैं।
*#WATCH मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद धार में देवी सरस्वती को समर्पित भोजशाला मंदिर में सुबह की आरती की गई।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 22, 2026
कोर्ट के आदेश के बाद, भोजशाला परिसर में शुक्रवार की नमाज़ की इजाज़त नहीं है। pic.twitter.com/ND7UBipvST
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