बंगाल में बुलडोजर विरोध का फ्लॉप शो : ममता के आधे से ज्यादा विधायक रहे नदारद
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में बुलडोजर एक्शन और सड़क पर नमाज का मुद्दा गरमा गया है। हाल ही में विधानसभा के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायकों ने राज्य सरकार के इन फैसलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। लेकिन, यह प्रदर्शन पार्टी के लिए एक नई चिंता का विषय बन गया है।

विधायकों ने बनाई प्रदर्शन से दूरी TMC द्वारा जारी किए गए विरोध प्रदर्शन के वीडियो में केवल 30 विधायक ही नजर आए। आंकड़ों के मुताबिक, बंगाल विधानसभा में TMC के 80 विधायक हैं। यानी चुनाव के बाद हुए इस पहले बड़े प्रदर्शन में पार्टी के आधे से भी कम विधायक शामिल हुए। ममता बनर्जी की अपील के बावजूद 40% विधायक भी वहां नहीं पहुंचे, जो पार्टी की एकजुटता पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

उपचुनाव और घटती सक्रियता यह प्रदर्शन फाल्टा विधानसभा उपचुनाव में TMC उम्मीदवार जहांगीर खान द्वारा नाम वापस लेने के 24 घंटे के भीतर हुआ। एक तरफ उम्मीदवार का मैदान छोड़ना और दूसरी तरफ विधायकों का प्रदर्शन से नदारद रहना, राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिस पार्टी की पहचान कभी तीखे आंदोलनों से रही, उसके नेता अब रैलियों और प्रदर्शनों से किनारा करते दिख रहे हैं।

सड़क पर नमाज बनाम कानून का शासन बुलडोजर कार्रवाई के अलावा, TMC सड़कों पर नमाज पढ़ने पर लगी रोक का भी विरोध कर रही है। वरिष्ठ नेता सौगत राय जैसे दिग्गज इस फैसले को जनता के अधिकारों पर हमला बता रहे हैं। हालांकि, सवाल यह उठ रहा है कि क्या संविधान किसी को भी सड़क पर यातायात बाधित कर नमाज पढ़ने का अधिकार देता है?

विपक्ष का तर्क और सऊदी अरब का उदाहरण सड़क पर नमाज के समर्थन में AIMIM नेता वारिस पठान ने सोशल मीडिया पर सऊदी अरब की तस्वीरें साझा की हैं। लेकिन हकीकत यह है कि सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों में ट्रैफिक नियमों को लेकर बेहद कड़े कानून हैं। वहां गलत जगह गाड़ी रोकने या यातायात में बाधा डालने पर हजारों रुपये का जुर्माना वसूला जाता है।

राजनीतिक असर की संभावना कम शुभेंदु अधिकारी की सरकार के सख्त रुख के बाद, TMC का यह आंदोलन कितना प्रभावी होगा, इस पर संशय है। पार्टी कल हावड़ा और सियालदह रेलवे स्टेशन के बाहर भी प्रदर्शन की योजना बना रही है। लेकिन, विधानसभा प्रदर्शन में विधायकों की गैर-मौजूदगी को देखते हुए यह देखना दिलचस्प होगा कि सड़क पर पार्टी की पकड़ कितनी बरकरार रहती है।

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