रोम में मेलोडी वाली दोस्ती: PM मोदी के इटली दौरे से कैसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा भारत-इटली व्यापार?
News Image

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हालिया इटली दौरा न केवल राजनयिक गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा, बल्कि इसने दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को एक नई दिशा दी है। रोम में इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ उनकी केमिस्ट्री और अनौपचारिक मुलाकातों ने इस दौरे को एक खास अहमियत दी है।

रोम में गर्मजोशी का स्वागत रोम में प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान पीएम मेलोनी और मोदी की केमिस्ट्री सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी रही, खासकर पीएम मोदी द्वारा मेलोनी को दी गई पार्ले मेलोडी टॉफी का तोहफा। हालांकि, इस दौरे का असली सार भारत और इटली के बीच बढ़ते रणनीतिक और व्यापारिक महत्व में छिपा है।

कोविड के बाद व्यापार में उछाल यूरोपीय संघ में इटली भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। कोविड-19 महामारी के बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में जबरदस्त तेजी आई है। साल 2025 में कुल व्यापार 14.25 अरब यूरो तक पहुंच गया, जिसमें व्यापार संतुलन लगातार भारत के पक्ष में रहा है। 2021 के बाद से व्यापार में 44% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं की बढ़ती निर्भरता को दर्शाता है।

क्या है व्यापार का आधार? भारत मुख्य रूप से इटली को इलेक्ट्रिकल मशीनरी, लोहा-इस्पात, दवाएं, कपड़े और चाय-मसाले जैसे उत्पाद निर्यात करता है। वहीं, इटली से भारत बॉयलर, मशीनरी, चिकित्सा उपकरण और रसायनों का आयात करता है। यह आदान-प्रदान दोनों देशों की औद्योगिक जरूरतों को एक-दूसरे के पूरक के रूप में पूरा करता है।

700 से अधिक इतालवी कंपनियों का गढ़ बना भारत निवेश के मोर्चे पर भी तस्वीर काफी सकारात्मक है। भारत में 700 से अधिक इतालवी कंपनियां सक्रिय हैं, जो ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं। वहीं, टाटा, महिंद्रा और टीसीएस जैसी भारतीय कंपनियां इटली के आईटी और इंजीनियरिंग सेक्टर में अपनी मजबूत पैठ बनाए हुए हैं। 2025 के शुरुआती छह महीनों में ही इतालवी निवेश 500 मिलियन यूरो के पार पहुंच गया है।

भविष्य का मास्टर प्लान : 20 अरब यूरो का लक्ष्य दोनों देशों के बीच जॉइंट स्ट्रैटजिक एक्शन प्लान 2025-29 लागू है, जिसका लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस, एग्रीटेक और सस्टेनेबल मोबिलिटी जैसे भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग करना है। जनवरी 2026 में भारत-यूरोपीय संघ के बीच हुए मदर ऑफ ऑल डील्स (मुक्त व्यापार समझौता) से भारतीय निर्यातकों को और अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है।

इन सब कदमों का सीधा असर यह है कि भारत और इटली ने अब अपने द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह साझेदारी न केवल व्यापार बढ़ाने के लिए है, बल्कि प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और रोजगार सृजन की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

चीन-पाकिस्तान की बढ़ी टेंशन: भारत के अचूक सूर्यास्त्र ने चांदीपुर में भरी हुंकार

Story 1

वैभव सूर्यवंशी की बचकानी हरकत: अवॉर्ड लेते ही मैदान पर उतारी पैंट, वीडियो हुआ वायरल

Story 1

ड्रैगन का तांडव: जूनियर एनटीआर और प्रशांत नील की जुगलबंदी ने इंटरनेट पर मचाया तहलका

Story 1

मेलोडी डिप्लोमेसी! पीएम मोदी के चॉकलेट गिफ्ट ने इंटरनेट पर मचाया धमाल

Story 1

ट्विशा शर्मा केस: बढ़ता जा रहा है सीबीआई जांच का दबाव, विपक्ष ने सरकार को घेरा

Story 1

KKR vs MI: ईडन गार्डन्स में जसप्रीत बुमराह रचेंगे इतिहास, 350 विकेट के जादुई आंकड़े पर नजर

Story 1

मैदान पर सरेआम उतारी पैंट, वैभव सूर्यवंशी के इस वायरल वीडियो की सच्चाई जानकर हैरान रह जाएंगे आप!

Story 1

बकरीद पर गोवंश कुर्बानी: टीएमसी पहुंची हाई कोर्ट, महुआ मोइत्रा ने बताया गरीबों की रोजी-रोटी का संकट

Story 1

आसमान से बरसेगा काल : भारत की नई ULPGM-V3 मिसाइल का सफल परीक्षण, ड्रोन पावर हुई दोगुनी

Story 1

आईपीएल के नए स्टार वैभव सूर्यवंशी का बचपना वायरल: अवॉर्ड लेने के बाद मैदान पर ही किया कुछ ऐसा!