मेलोडी का मीठा वार और हिंदी का शानदार रिटर्न गिफ्ट: मोदी-मेलोनी की केमिस्ट्री ने जीता सबका दिल
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इटली यात्रा और वहां की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ उनकी मुलाकात इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। दोनों नेताओं के बीच की सहज केमिस्ट्री और उनके बीच हुए उपहारों के आदान-प्रदान ने न केवल राजनयिक बल्कि व्यक्तिगत संबंधों की भी एक नई मिसाल पेश की है।

मेलोडी टॉफी का मीठा अंदाज यात्रा के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। इसमें पीएम मोदी अपनी हमवतन इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी गिफ्ट करते हुए नजर आए। इस अनोखे और सादगी भरे गिफ्ट ने इंटरनेट पर धूम मचा दी। इटली की पीएम ने इस वीडियो को खुद सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, पीएम मोदी मेरे लिए बहुत अच्छी टॉफी लेकर आए- मेलोडी। इसके लिए शुक्रिया।

10 करोड़ व्यूज का रिकॉर्ड इस मुलाकात की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल इंस्टाग्राम पर ही इससे जुड़ा एक वीडियो 10 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है। लोग दोनों नेताओं के बीच के इस दोस्ताना अंदाज को खूब पसंद कर रहे हैं। हालांकि, इस पर कुछ राजनीतिक टीका-टिप्पणियां भी हुईं, लेकिन आम जनता की नजर में यह दो देशों के प्रमुखों के बीच आपसी गर्मजोशी का प्रतीक बना रहा।

मेलोनी का दिल छू लेने वाला रिटर्न गिफ्ट पीएम मोदी के मेलोडी टॉफी वाले गिफ्ट के जवाब में मेलोनी ने जो किया, उसने हर भारतीय का दिल जीत लिया। बुधवार को एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, मेलोनी ने अपने संबोधन में हिंदी के एक प्रसिद्ध मुहावरे का इस्तेमाल किया।

उन्होंने पीएम मोदी की ओर देखते हुए कहा, परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। मेलोनी ने इसके बाद इसका अंग्रेजी अनुवाद भी किया और बताया कि भारत-इटली के रिश्ते इसी कड़ी मेहनत और विश्वास की नींव पर टिके हैं। मेलोनी का यह प्रयास न केवल सम्मानजनक था, बल्कि इसने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को एक नई ऊंचाई दी है।

रणनीतिक संबंधों को मिली मजबूती उपहारों और हंसी-मजाक से इतर, इस मुलाकात का एक बेहद गंभीर और महत्वपूर्ण पक्ष भी रहा। दोनों नेताओं ने भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निवेश और आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत करने पर सहमति जताई। साथ ही, भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को दोनों देशों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर के रूप में देखा गया।

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