सॉल्ट लेक स्टेडियम से हटेगी ममता बनर्जी की विवादित फुटबॉल मूर्ति, खेल मंत्री ने बताया बेतुकी
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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई भाजपा सरकार ने प्रतीकात्मक बदलावों की शुरुआत कर दी है। इसी कड़ी में सॉल्ट लेक स्टेडियम के बाहर लगी पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा डिज़ाइन की गई फुटबॉल मूर्ति को हटाने का निर्णय लिया गया है।

खेल मंत्री की तीखी टिप्पणी राज्य के खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने रविवार को कोलकाता डर्बी के दौरान इस विवादास्पद ढांचे को हटाने की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने मूर्ति की बनावट पर सवाल उठाते हुए कहा, ऐसी बदसूरत दिखने वाली मूर्ति, जिसमें धड़ से कटे हुए दो पैरों के ऊपर फुटबॉल हो, इसका कोई तुक नहीं बनता। यह देखने में भी सुंदर नहीं है, इसलिए इसे जल्द ही हटा दिया जाएगा।

कैसी है यह मूर्ति? यह विवादित मूर्ति स्टेडियम के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थित है। इसे एक कलात्मक रूप देने का प्रयास किया गया था, जिसमें फुटबॉलर के पैरों के संपर्क में गेंद को दिखाया गया है, जबकि धड़ के स्थान पर एक फुटबॉल रखा गया है। इसे ममता बनर्जी की परिकल्पना माना जाता है, जिसे नई सरकार अब हटाने की तैयारी में है।

राजनीतिक बदलाव और कड़ा संदेश राज्य में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) 80 सीटों पर सिमट गई है। इस बदलाव का असर अब प्रशासनिक और प्रतीकात्मक फैसलों में स्पष्ट दिख रहा है।

सरकारी संस्थानों में सुधार पर जोर राजनीतिक बदलावों के बीच मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधारों का संकल्प लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य की 90 प्रतिशत आबादी सरकारी शिक्षण संस्थानों पर निर्भर है, जिन्हें निजी संस्थानों के स्तर पर लाने के लिए बुनियादी ढांचे में व्यापक बदलाव किए जाएंगे।

नई सरकार का स्पष्ट रुख है कि पिछली सरकार के कार्यकाल की बेतुकी संरचनाओं और अनियमितताओं को सुधारना उनकी प्राथमिकता सूची में शामिल है।

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