अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के दौरे पर शी जिनपिंग को महान बता रहे हैं, लेकिन हकीकत में बीजिंग अंदरखाने एक अलग ही रणनीतिक खेल खेल रहा है। भारत में हो रही ब्रिक्स (BRICS) विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान चीन का नरम रुख इसी कूटनीतिक चाल का हिस्सा है।
चीन का बदला हुआ लहजा चीन के विदेश मंत्री वांग यी के न आने पर भारत में चीनी राजदूत शू फेहांग ने मोर्चा संभाला। उन्होंने न केवल ब्रिक्स को एक महत्वपूर्ण मंच बताया, बल्कि भारत की अध्यक्षता में बैठक को सफल बनाने का भरोसा भी दिया। जानकारों का मानना है कि यह महज औपचारिकता नहीं, बल्कि चीन की एक व्यापक रणनीति है।
अमेरिका को क्यों खटक रहा ब्रिक्स? अमेरिका ब्रिक्स को अपनी डॉलर आधारित अर्थव्यवस्था के लिए सीधी चुनौती मानता है। ब्रिक्स देशों द्वारा वैकल्पिक मुद्रा (करेंसी) पर विचार करना वाशिंगटन के लिए खतरे की घंटी है। ट्रंप पहले ही इस संगठन की मुखालफत कर चुके हैं, ऐसे में चीन का ब्रिक्स को मजबूती देने का संकल्प सीधे तौर पर अमेरिका को एक कड़ा संदेश है।
भारत के लिए बढ़ता रणनीतिक महत्व मौजूदा वैश्विक समीकरण भारत के लिए फायदेमंद साबित हो रहे हैं। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने भारत की अहमियत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बढ़ा दिया है। ब्रिक्स के भीतर अब भारत केवल एक सदस्य नहीं, बल्कि एजेंडा तय करने वाली एक प्रमुख शक्ति बन चुका है। चीन को इस बात का एहसास है कि भारत के बिना ब्रिक्स का वैश्विक प्रभाव सीमित है।
नई दिल्ली की फूंक-फूंक कर कदम चीन की इस नरम भाषा के बावजूद नई दिल्ली पूरी तरह सतर्क है। गलवान घाटी के संघर्ष के बाद पैदा हुआ अविश्वास अभी खत्म नहीं हुआ है। भारत चीन के इस रुख को रणनीतिक बदलाव के बजाय महज एक कूटनीतिक मजबूरी के तौर पर देख रहा है।
कुल मिलाकर, वैश्विक शक्ति संतुलन तेजी से बदल रहा है। बीजिंग जहां पश्चिमी दबाव के बीच खुद को बचाने के लिए भारत की ओर देख रहा है, वहीं भारत अपनी शर्तों पर वैश्विक मंच पर अपनी धमक बढ़ा रहा है।
Honored to attend the BRICS Foreign Ministers’ Meeting on behalf of Chinese Foreign Minister Wang Yi.
— Xu Feihong (@China_Amb_India) May 14, 2026
BRICS is an important platform for cooperation among emerging markets and developing countries. China attaches great importance to BRICS cooperation. We stand ready to support… pic.twitter.com/YmjTyyqUnK
ट्रंप की तारीफों के बीच चीन की दोहरी चाल, क्या भारत के लिए खुल रहे हैं मौके?
महंगाई का डबल अटैक : पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े, जानें नई कीमतें
अब इंडिया के लिए नहीं खेलना है: शतक के दौरान विराट कोहली का वह बयान जो वायरल हो गया
‘बिना गोली चलाए ईरान को रोका था’, ओबामा ने ट्रंप को याद दिलाई 2015 की परमाणु डील
हवा में उड़ गए नन्हे अंसारी: 50 फीट ऊंचाई से हवा में लहराते हुए जमीन पर गिरे, बाल-बाल बची जान
अब इंडिया के लिए थोड़ी खेलना है : विराट कोहली का स्टंप माइक पर वायरल बयान, केकेआर के खिलाफ मचाया कोहराम
अबू धाबी में बोले पीएम मोदी: भारत-UAE मिलकर करेंगे काम, होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला रहना प्राथमिकता
कलकत्ता हाईकोर्ट में ममता बनर्जी का सामना: वकीलों के बीच लगे चोर-चोर के नारे, भड़कीं टीएमसी सुप्रीमो
राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल, ₹108 के करीब पहुंचा पेट्रोल
मजाक का ऐसा करारा जवाब: अर्शदीप सिंह की छेड़खानी का तिलक वर्मा ने बल्ले से लिया बदला