दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने आम आदमी पार्टी (AAP) के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अवमानना (Contempt) की कार्रवाई शुरू कर दी है। कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और विनय मिश्रा को निशाने पर लेते हुए कहा कि इन नेताओं ने अदालत को बदनाम करने के लिए एक सुनियोजित अभियान चलाया।
एडिटेड वीडियो और नैरेटिव का खेल जस्टिस शर्मा ने पाया कि इन नेताओं ने अदालत को पब्लिकली टारगेट करने के लिए जानबूझकर एडिट किए हुए वीडियो और भ्रामक पत्र सोशल मीडिया पर फैलाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो के जरिए यह झूठी छवि बनाई गई कि जज किसी राजनीतिक पार्टी के प्रभाव में हैं। फैक्ट-चेक रिपोर्ट और संबंधित कॉलेज द्वारा वीडियो को फर्जी बताने के बावजूद, इन नेताओं ने अपने एजेंडे के लिए इसे लगातार प्रसारित किया।
जज का तीखा प्रहार: यह BJP मुख्यालय नहीं है सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विनय मिश्रा और संजय सिंह के बयानों पर गहरी नाराजगी जताई। अदालत ने दो टूक कहा, यह ऑर्डर किसी पार्टी के मुख्यालय में नहीं, बल्कि कोर्ट में पास हो रहा है। जस्टिस शर्मा ने सौरभ भारद्वाज की प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र करते हुए कहा कि जज की निष्पक्षता पर सवाल उठाना और यह पूछना कि उनका किसी पार्टी से क्या रिश्ता है, आलोचना नहीं बल्कि खुली बेइज्जती है।
अराजकता को रोकने के लिए जरूरी कदम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल पर भी गंभीर आरोप लगाए। जस्टिस शर्मा ने कहा कि केजरीवाल ने सेलेक्टिव लेटर और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अदालत को डराने और दबाव में लेने की कोशिश की। उन्होंने कहा, अगर इस आचरण से सख्ती से नहीं निपटा गया, तो यह समाज में अराजकता को जन्म देगा। मैं दबाव में आने वाली नहीं हूं।
संस्था की सुरक्षा के लिए लिया फैसला जज ने कहा कि वे चुप रह सकती थीं, लेकिन ऐसा करना संस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटना होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी निजी गुस्से का नतीजा नहीं है, बल्कि न्यायपालिका की मर्यादा बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा, मुझे किसी की प्रशंसा नहीं चाहिए, मैं बस यह चाहती हूं कि अदालत निडर होकर काम करती रहे।
बदली जाएगी बेंच, अब आगे क्या? अवमानना का नोटिस जारी करने के बाद जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने स्वयं को आबकारी नीति मामले (जिसमें केजरीवाल समेत 23 लोग बरी हुए थे) की मुख्य सुनवाई से अलग कर लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अब मूल केस की सुनवाई दूसरी बेंच को ट्रांसफर करेंगी।
हालांकि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से आग्रह किया कि जज खुद ही मामले की सुनवाई जारी रखें, ताकि इस तरह के कृत्यों से गलत नजीर न बने। उन्होंने तर्क दिया कि यदि ऐसी कोशिशों को रोका नहीं गया, तो आगे भी लोग दबाव बनाकर अदालती कार्यवाही को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे।
My initial response to Contempt proceedings :
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) May 14, 2026
Heard that Hon’ble Justice Swarnakanta Sharma has initiated Contempt proceedings against Mr Arvind Kejriwal, Mr Manish Sisodia, Mr Sanjay Singh , (me) Saurabh Bharadwaj etc.
Hon’ble Justice Swarnakanta repeated 2 principles
1. She… pic.twitter.com/2b4Tluyabo
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