पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक नया रूप देखने को मिला। गुरुवार को वह वकील की पारंपरिक पोशाक (काला गाउन) पहनकर कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचीं। उनके साथ टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और अन्य वकील भी मौजूद थे।
चुनाव बाद हिंसा पर सीधी पैरवी ममता बनर्जी का यह कदम राज्य में चुनाव बाद हुई हिंसा के मामलों से जुड़ा है। टीएमसी ने इन मामलों को लेकर कानूनी लड़ाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री का खुद कोर्ट में वकील के तौर पर पहुंचना यह दर्शाता है कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर कितनी गंभीर है।
कानून की डिग्री और पुराना नाता हालांकि यह दृश्य कई लोगों के लिए नया हो सकता है, लेकिन ममता बनर्जी का कानूनी पेशे से पुराना नाता है। उन्होंने 1982 में जोगेश चंद्र विधि महाविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की थी। छात्र राजनीति के दौरान ही उन्होंने वकालत की शुरुआत कर दी थी।
इतिहास गवाह है: कोर्ट में रही हैं सक्रिय ममता बनर्जी के लिए अदालत में बहस करना कोई नई बात नहीं है। कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान, वह कम से कम तीन बड़े मामलों में वकील के रूप में पेश हो चुकी हैं:
राजनीतिक संदेश ममता बनर्जी का इस अंदाज में कोर्ट पहुंचना एक बड़ा राजनीतिक संकेत है। वे यह संदेश देना चाहती हैं कि अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और राज्य की जनता के लिए वह सड़क से लेकर अदालत तक हर मोर्चे पर लड़ने के लिए तैयार हैं। सियासी गलियारों में इसे भाजपा के खिलाफ टीएमसी की एक ठोस रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
Our Hon’ble Chairperson Smt @MamataOfficial personally reached the Calcutta High Court today to argue in a matter concerning the widespread post-poll violence unleashed across Bengal by @BJP4Bengal.
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) May 14, 2026
Once again, she has shown what truly sets her apart -
She NEVER abandons the… pic.twitter.com/8OkszMxaYa
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