अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तीन दिनों की यात्रा पर बुधवार को चीन पहुंच गए हैं। इस दौरे पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं, लेकिन ताइवान में इस वक्त तनाव का माहौल है। ताइवान को इस बात का डर सता रहा है कि कहीं ट्रंप अपनी व्यापारिक डील के चक्कर में उसकी सुरक्षा और संप्रभुता को दांव पर न लगा दें।
शी जिनपिंग का महत्वाकांक्षी लक्ष्य चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग लंबे समय से ताइवान को चीन का अभिन्न अंग बनाने का सपना संजोए हुए हैं। वे स्पष्ट कर चुके हैं कि ताइवान को चीन का हिस्सा बनने से कोई नहीं रोक सकता, भले ही इसके लिए सैन्य बल का प्रयोग क्यों न करना पड़े। चीन की वन चाइना पॉलिसी पूरी दुनिया जानती है, जिसे अमेरिका सैद्धांतिक रूप से मानता तो है, लेकिन ताइवान पर चीन के अधिकार को उसने कभी आधिकारिक मान्यता नहीं दी है।
क्या ट्रंप-शी की बैठक में ताइवान मुद्दा बनेगा? आधिकारिक तौर पर इस यात्रा का उद्देश्य व्यापारिक समझौतों और टैरिफ विवाद को सुलझाना है। लेकिन पर्दे के पीछे के एजेंडे को लेकर कयास तेज हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ताइवान के विपक्षी नेताओं को डर है कि चीन इस वार्ता को एक सौदेबाजी के रूप में इस्तेमाल कर सकता है। उन्हें आशंका है कि वैश्विक मोर्चे पर ईरान युद्ध या अन्य मुद्दों पर चीन की मदद पाने के बदले में ट्रंप ताइवान के हितों से समझौता कर सकते हैं।
हथियार डील पर लटकी तलवार पिछले साल अमेरिका और ताइवान के बीच 11 बिलियन डॉलर की एक बड़ी हथियार डील हुई थी। इसमें रॉकेट सिस्टम, मिसाइलें और होवित्जर तोपें शामिल हैं। चीन शुरू से ही इस डील का सख्त विरोधी रहा है। ताइवान को इस बात की घबराहट है कि कहीं चीन के साथ किसी बड़ी डील को साधने के क्रम में अमेरिका इन हथियारों की आपूर्ति को ठंडे बस्ते में न डाल दे।
अमेरिका का रुख और ताइवान की धड़कन हालांकि अमेरिकी अधिकारी ताइवान नीति में किसी भी बदलाव से इनकार कर रहे हैं, लेकिन ट्रंप की कार्यशैली अनिश्चितताओं से भरी मानी जाती है। ताइवान की पूरी सुरक्षा इस रणनीतिक अस्पष्टता पर टिकी है कि चीन यह मानकर चलता है कि यदि उसने हमला किया, तो अमेरिका बीच में आएगा।
ताइवान को डर है कि क्या ट्रंप अपने बड़बोलेपन या किसी तात्कालिक फायदे के लिए उस सुरक्षा कवच को ढीला कर देंगे? फिलहाल, बीजिंग में हो रही यह मुलाकात न केवल व्यापारिक भविष्य, बल्कि ताइवान के अस्तित्व के लिए भी एक बड़ा संकेत साबित हो सकती है।
The arrival everyone has waited for. 🇺🇸🇨🇳 pic.twitter.com/B1DTgI9HKR
— The White House (@WhiteHouse) May 13, 2026
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