सीबीआई (CBI) डायरेक्टर की चयन प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस पूरी चयन प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण करार देते हुए प्रधानमंत्री को एक कड़ा डिसेंट नोट (असहमति पत्र) सौंपा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह इस प्रक्रिया का हिस्सा बनकर विपक्षी नेता की भूमिका को महज एक रबर स्टैंप नहीं बनने देंगे।
प्रधानमंत्री आवास पर हुई अहम बैठक मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास (7 लोक कल्याण मार्ग) पर सीबीआई डायरेक्टर के चयन के लिए उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल हुए। राहुल गांधी ने बैठक के दौरान ही अपना दो पन्नों का विरोध पत्र प्रधानमंत्री को सौंपा।
अंधेरे में रखने का आरोप राहुल गांधी ने अपने नोट में सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बैठक से पहले उन्हें उम्मीदवारों की सेल्फ-अप्रेजल रिपोर्ट या 360-डिग्री रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। राहुल के अनुसार, उनसे यह उम्मीद की गई कि वे बैठक के दौरान ही 69 उम्मीदवारों के रिकॉर्ड की जांच करें, जो कि अव्यावहारिक है। उन्होंने इसे प्रक्रिया का मजाक उड़ाना बताया।
पूर्व में भी जताया था विरोध राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने पहले भी कई बार लिखित अनुरोध किया था कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, लेकिन सरकार ने उन पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने पिछले साल 5 मई और 21 अक्टूबर को लिखे पत्रों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने जानबूझकर जानकारी छिपाई है ताकि उनका पहले से तय उम्मीदवार ही चुना जा सके।
सरकार पर संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप अपने पत्र में राहुल गांधी ने कड़े शब्दों में लिखा कि सरकार ने बार-बार सीबीआई का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों और आलोचकों को निशाना बनाने के लिए किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को समिति में इसलिए रखा जाता है ताकि संस्थाओं पर एकतरफा कब्जे को रोका जा सके, लेकिन सरकार उन्हें लगातार इस प्रक्रिया में एक सार्थक भूमिका निभाने से वंचित रख रही है।
कौन होगा अगला सीबीआई चीफ? मौजूदा सीबीआई डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई को समाप्त हो रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों पर चर्चा हुई है, जिनमें पराग जैन, शत्रुजीत कपूर, योगेश गुप्ता, जी.पी. सिंह और प्रवीर रंजन जैसे बड़े नाम शामिल हैं। हालांकि, राहुल गांधी के इस विरोध के बाद अब आगामी नियुक्तियों पर राजनीतिक बहस और गर्माने की पूरी संभावना है।
I have written to the Prime Minister recording my dissent from the CBI Director selection process.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 12, 2026
I cannot abdicate my constitutional duty by participating in a biased exercise.
The Leader of Opposition is not a rubber stamp. pic.twitter.com/WfSt5gGPPR
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