पीएम मोदी की अपील पर छगन भुजबल का बड़ा बयान, याद दिलाया लाल बहादुर शास्त्री का दौर
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील, जिसमें उन्होंने जनता से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने जैसे कई उपाय अपनाने को कहा है, पर देश भर में बहस तेज हो गई है। इस पर टिप्पणी करते हुए महाराष्ट्र के मंत्री और वरिष्ठ एनसीपी नेता छगन भुजबल ने इसे एक सामान्य प्रक्रिया बताया है।

इतिहास से उदाहरण देते हुए भुजबल ने दी दलील मीडिया से बातचीत में भुजबल ने कहा कि ऐसी स्थितियां देश में पहले भी आई हैं। उन्होंने अपने 60 साल के राजनीतिक करियर का हवाला देते हुए कहा, मुझे याद है कि पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान, लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में देश में चावल की भारी कमी हो गई थी। तब स्थिति इतनी गंभीर थी कि होटलों और रेस्तरां में शुक्रवार के दिन चावल परोसने पर रोक लगा दी गई थी।

चंद्रशेखर सरकार का भी किया जिक्र भुजबल ने देश के आर्थिक इतिहास का एक और पन्ना पलटते हुए पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के समय का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, मुझे याद है जब चंद्रशेखर जी प्रधानमंत्री थे, तब देश की आर्थिक स्थिति संभालने के लिए भारत का सोना लंदन के बैंकों में गिरवी रखना पड़ा था। हालांकि, बाद में स्थिति में सुधार हुआ और वह सोना वापस भी लाया गया।

वैश्विक संकट है असली वजह मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में भारत जिस स्थिति से गुजर रहा है, वह पूरी तरह से स्वदेशी नहीं है। उन्होंने कहा, मौजूदा हालात सिर्फ भारत के नहीं, बल्कि वैश्विक हैं। जापान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन और यूरोप समेत दुनिया के कई देश हमसे भी बदतर स्थिति का सामना कर रहे हैं। ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के कारण शिपिंग और व्यापार मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिसका असर पूरी दुनिया पर दिख रहा है।

शरद पवार की मांग पर क्या बोले भुजबल? एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार द्वारा सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग का समर्थन करते हुए भुजबल ने कहा, पवार साहब देश के वरिष्ठ नेता हैं। उनका सुझाव है कि सरकार को विपक्ष और अन्य दिग्गजों को भरोसे में लेना चाहिए। यह दिल्ली में बैठी सरकार का काम है कि वे जनता को बताएं कि असल समस्या क्या है और सरकार क्या कदम उठा रही है।

क्या है पीएम मोदी की अपील? गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने और अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए जनता से कड़े अनुशासन की अपील की है। इसमें पेट्रोल-डीजल की खपत में कटौती, कारपूलिंग, वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा, शादियों और विदेशी दौरों को टालने, सोने की खरीद कम करने और डिजिटल तकनीक के उपयोग पर जोर दिया गया है। पीएम ने किसानों से केमिकल खाद का उपयोग आधा करने की सलाह भी दी है ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके।

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