पंजाब की राजनीति में एक बड़ी हलचल देखने को मिली है। आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए तब असहज स्थिति पैदा हो गई, जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान ने औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। यह घटनाक्रम न केवल AAP के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब की राजनीति में नए समीकरणों की आहट भी है।
कौन हैं ज्ञान सिंह मान? ज्ञान सिंह मान पंजाब की स्थानीय राजनीति में एक जाना-माना नाम हैं। वे 2014 में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे और लंबे समय तक पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय रहे। मुख्यमंत्री भगवंत मान के करीबी रिश्तेदार होने के कारण पार्टी में उनका प्रभाव था। हालांकि, 2022 में AAP की सरकार बनने के बाद से ही वे पार्टी की कार्यप्रणाली और नीतियों पर सवाल उठाने लगे थे।
क्यों छोड़ी AAP? चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ की मौजूदगी में पार्टी जॉइन करते हुए ज्ञान सिंह मान ने तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि 2022 के बाद AAP का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार दिल्ली से संचालित हो रही है और राज्य में नशा, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी चरम पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवंत मान उनके भाई हैं, लेकिन वैचारिक मतभेद के चलते वे अब पार्टी के साथ नहीं चल सकते।
तरनतारन में गरमाया माहौल ज्ञान सिंह मान के BJP में शामिल होने के कुछ ही घंटों बाद राज्य में तनाव बढ़ गया। तरनतारन में स्थित BJP कार्यालय पर 15-20 अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने कार्यालय में तोड़फोड़ की और नारेबाज़ी की। BJP नेताओं ने इसे सुनियोजित राजनीतिक हिंसा करार दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस घटना ने पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक अस्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
2027 के चुनाव पर क्या होगा असर? यह बगावत AAP के लिए इसलिए चिंताजनक है क्योंकि यह पार्टी के आम आदमी और परिवारवाद-विरोधी छवि पर चोट करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भगवंत मान के अपने परिवार से बगावत होना पार्टी के अंदरूनी असंतोष को दर्शाता है।
दूसरी ओर, BJP के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। ज्ञान सिंह मान का साथ मिलने से BJP को ग्रामीण पंजाब में अपनी पैठ मजबूत करने का मौका मिलेगा। यदि BJP इस घटनाक्रम का सही इस्तेमाल करती है, तो 2027 के चुनाव में राज्य में मुकाबला और दिलचस्प और त्रिकोणीय हो सकता है।
ਪੰਜਾਬ ਅੰਦਰ ਭਾਜਪਾ ਦਿਨੋਂ-ਦਿਨ ਮਜ਼ਬੂਤ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ। ਮੌਜੂਦਾ ਸੱਤਾਧਾਰੀ @AAPPunjab ਪਾਰਟੀ ਅਤੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ @BhagwantMann ਨੂੰ ਉਸ ਵੇਲੇ ਵੱਡਾ ਸਿਆਸੀ ਝਟਕਾ ਲੱਗਿਆ ਜਦੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਚਚੇਰੇ ਭਰਾ ਗਿਆਨ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਅੱਜ ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਏ। ਹਰਿਆਣਾ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸ਼੍ਰੀ ਨਾਇਬ ਸਿੰਘ ਸੈਣੀ ਜੀ ਅਤੇ ਭਾਜਪਾ ਪੰਜਾਬ… pic.twitter.com/A8iaC4aJcx
— BJP PUNJAB (@BJP4Punjab) May 11, 2026
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