मॉस्को के रेड स्क्वायर में आयोजित 81वें विक्ट्री डे परेड में इस बार कुछ ऐसा दिखा जिसने दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया। नाजी जर्मनी पर सोवियत संघ की जीत की सालगिरह पर आयोजित इस भव्य परेड में इस बार टैंक, बैलिस्टिक मिसाइलें और भारी सैन्य वाहन नदारद रहे। परेड का यह छोटा और सीमित स्वरूप सैन्य जानकारों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
पुतिन की दहाड़: रूस हमेशा विजयी रहेगा
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने परेड के दौरान पश्चिमी देशों और नाटो (NATO) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस यूक्रेन में न्यायसंगत युद्ध लड़ रहा है। पुतिन ने कहा कि रूसी सैनिक एक ऐसी आक्रामक शक्ति का मुकाबला कर रहे हैं, जिसे नाटो देशों का पूरा सैन्य समर्थन प्राप्त है। उन्होंने दोहराया कि यूक्रेन का युद्ध रूस की सुरक्षा और उसके भविष्य के लिए अपरिहार्य है।
शक्ति प्रदर्शन में कमी, सुरक्षा का डर?
पिछले कई वर्षों का इतिहास देखें तो विक्ट्री डे परेड रूस की सैन्य ताकत का सबसे बड़ा प्रदर्शन हुआ करती थी। इस बार टैंकों और मिसाइलों का गायब होना युद्ध की बदली हुई प्राथमिकताओं की ओर इशारा करता है। रूसी अधिकारियों का तर्क है कि मौजूदा युद्ध की स्थिति और संभावित सुरक्षा खतरों के चलते भारी हथियारों को परेड से दूर रखा गया।
संघर्ष विराम का विवाद
परेड के दौरान रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन के युद्धविराम की घोषणा भी की गई थी। हालांकि, परेड खत्म होते ही रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि यूक्रेन ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। हालांकि, यूक्रेन की ओर से इस दावे पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अकेला पड़ता रूस या कूटनीतिक जीत?
इस परेड में रूस के करीबी सहयोगी देशों के नेता, जिनमें बेलारूस के अलेक्जेंडर लुकाशेंको और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको शामिल थे, मौजूद रहे। वहीं, उत्तर कोरिया के सैनिकों ने भी इस परेड में मार्च किया। हालांकि, पिछले वर्षों की तुलना में इस बार विदेशी नेताओं की उपस्थिति काफी कम रही, जो रूस के बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरणों को दर्शाता है।
क्या है विक्ट्री डे का महत्व?
रूस में विक्ट्री डे को राष्ट्रीय गौरव के सबसे बड़े दिन के रूप में देखा जाता है। यह दिन दूसरे विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर सोवियत संघ की जीत का प्रतीक है। परेड के बाद राष्ट्रपति पुतिन ने टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर पर श्रद्धांजलि अर्पित की और क्रेमलिन में आयोजित समारोह में भाग लिया। इस वर्ष की परेड ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि रूस अपनी तमाम चुनौतियों के बावजूद एकजुट है।
📹 Solemn March Led By Military Cadets At Victory Day Parade In Red Square pic.twitter.com/F4bLML0kms
— RT_India (@RT_India_news) May 9, 2026
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