अमेरिकी घेराबंदी से ईरान की अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका: 20 दिन में 45 हजार करोड़ का नुकसान
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ओमान की खाड़ी में फंसी ईरान की तेल लाइफलाइन अमेरिकी नौसैनिकों द्वारा की गई घेराबंदी ने ईरान की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। रिपोर्टों के अनुसार, बीते 20 दिनों में ईरान को लगभग 4.8 अरब डॉलर यानी करीब 45 हजार करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। 13 अप्रैल से ओमान की खाड़ी में ईरान के 31 तेल टैंकर फंसे हुए हैं, जिनमें 5.3 करोड़ बैरल कच्चा तेल लदा है। अमेरिकी कार्रवाई के कारण ईरान का तेल निर्यात पूरी तरह ठप हो चुका है।

पेंटागन की सख्त कार्रवाई पेंटागन ने इस घेराबंदी को और कड़ा करते हुए 40 से अधिक जहाजों को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया है और दो टैंकरों को जब्त भी कर लिया है। अमेरिका का स्पष्ट उद्देश्य शांति वार्ता के दौरान ईरान पर अधिकतम आर्थिक दबाव बनाना है। यह तनावपूर्ण स्थिति अब कोल्ड वॉर जैसे हालात में बदल गई है, जहां दोनों देश समुद्री रास्तों पर कब्जा बनाए रखने के लिए आमने-सामने हैं।

भंडारण की कमी से बंद हो सकते हैं तेल कुएं ईरान अब तेल को रखने के लिए पुराने जहाजों का स्टोरेज के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, क्योंकि जमीन पर मौजूद स्टोरेज टैंक भर चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह घेराबंदी कुछ और हफ्ते जारी रही, तो ईरान को मजबूरन अपने तेल कुओं से उत्पादन रोकना पड़ेगा। ईरान अब अमेरिकी नजरों से बचने के लिए भारत और पाकिस्तान के तटों के पास से लंबा और खर्चीला समुद्री रास्ता अपना रहा है, ताकि तेल को चीन भेजा जा सके।

डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा रुख: पागलों को परमाणु शक्ति नहीं बनने देंगे इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी टिप्पणी में कहा, हम ईरान जैसे देशों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं दे सकते, जो पूरी दुनिया के लिए खतरा हैं। यदि हम उन पर दबाव नहीं बनाते, तो इजराइल, मध्य पूर्व और यूरोप के तबाह होने का खतरा बढ़ जाता। ट्रंप ने साफ किया कि मौजूदा स्थिति में अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु संपन्न नहीं होने देगा।

रणनीतिक बिसात: होर्मुज से ओमान की खाड़ी तक इस पूरे विवाद की जड़ समुद्री रास्तों पर नियंत्रण है। जवाब-कार्रवाई के तहत, पहले ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर पश्चिमी देशों की सप्लाई चेन को बाधित किया था। इसके जवाब में अमेरिका ने ओमान की खाड़ी को ब्लॉक कर ईरान की आर्थिक नाकेबंदी कर दी है। पेंटागन का कहना है कि यह घेराबंदी ईरान की आक्रामक नीतियों को कमजोर करने के लिए आवश्यक है।

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