लेंसकार्ट का मजहबी चश्मा ? तिलक-कलावा पर पाबंदी के आरोपों से मचा बवाल
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भारत की जानी-मानी आईवियर ब्रांड लेंसकार्ट एक गंभीर विवाद में घिर गई है। कंपनी पर कथित ड्रेस कोड के नाम पर हिंदू धार्मिक प्रतीकों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगा है। मामला तब तूल पकड़ गया जब सोशल मीडिया पर रिपोर्ट्स सामने आईं कि कंपनी अपने कर्मचारियों को हिजाब पहनने की तो अनुमति देती है, लेकिन बिंदी, तिलक और कलावा जैसे धार्मिक चिन्हों पर रोक लगा रही है।

सूरत के जेनीश की आपबीती इस विवाद की शुरुआत सूरत के रहने वाले जेनीश विधास्या के खुलासे से हुई। जेनीश का दावा है कि उन्हें केवल इसलिए नौकरी से निकाल दिया गया क्योंकि उन्होंने अपनी शिखा (चोटी) काटने और माथे से तिलक हटाने से इनकार कर दिया था। जेनीश के अनुसार, कंपनी के मैनेजर ने उन्हें साफ कहा कि अगर काम करना है तो तिलक, शिखा और हाथ पर बने ओम के निशान को मिटाना होगा। शर्त न मानने पर उन्हें ट्रेनिंग से बाहर कर दिया गया।

मुंबई से देहरादून तक विरोध की लहर मुंबई के अंधेरी स्थित स्टोर में इन्फ्लुएंसर नाजिया इलाही खान ने इस नीति का कड़ा विरोध किया। उन्होंने स्टोर के अंदर जाकर वहां मौजूद कर्मचारियों को खुद तिलक लगाया और प्रबंधन से तीखे सवाल किए। उन्होंने स्पष्ट रूप से पूछा कि क्या कंपनी भारत में शरिया कानून लागू करने की कोशिश कर रही है। इसी तरह के विरोध प्रदर्शन देहरादून से लेकर दिल्ली के कनॉट प्लेस तक देखने को मिले हैं।

स्टोर्स पर कर्मचारियों की चुप्पी जब विभिन्न शहरों के स्टोर्स पर पड़ताल की गई, तो स्थिति अस्पष्ट नजर आई। लखनऊ और दिल्ली के कई स्टोर्स में कर्मचारियों ने इस तरह की किसी भी आधिकारिक गाइडलाइन के बारे में जानकारी होने से इनकार किया। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि अगर सब सामान्य है, तो कंपनी को विवाद के बाद सफाई क्यों देनी पड़ी? इस सवाल पर कर्मचारी चुप्पी साधे रहे।

हिंदुत्ववादी संगठनों की सख्त चेतावनी लगातार सामने आ रहे वीडियो और दावों के बाद देशभर में हिंदुत्ववादी संगठन सक्रिय हो गए हैं। इन समूहों ने मांग की है कि कंपनी अपनी विवादास्पद एडवाइजरी को तुरंत वापस ले और धर्म के आधार पर भेदभाव करना बंद करे। सोशल मीडिया पर #Lenskart ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग कंपनी की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं।

फिलहाल, कंपनी की ओर से इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जिस तरह से अलग-अलग राज्यों से रिपोर्टें आ रही हैं, उससे साफ है कि यह मामला अभी और तूल पकड़ सकता है।

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