जापान के तटीय शहर फुजीसावा में तनाव का माहौल है। वहां प्रस्तावित पहली मस्जिद के निर्माण के खिलाफ हजारों स्थानीय नागरिक सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मस्जिद का विशाल आकार पास के ऐतिहासिक शिंतो मंदिरों की तुलना में काफी बड़ा है, जो जापानी संस्कृति के सामने एक चुनौती की तरह है।
सांस्कृतिक पहचान बनाम बदलाव फुजीसावा के निवासियों का कहना है कि यह मस्जिद निर्माण पारंपरिक शांति और सांस्कृतिक पहचान को प्रभावित करेगा। विरोध प्रदर्शनों के दौरान लोग हाथों में तख्तियां लिए मस्जिद नहीं चाहिए के नारे लगाते देखे गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सार्वजनिक बैठकों के दौरान पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। मस्जिद परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि वे सभी जापानी कानूनों का पालन करेंगे, लेकिन स्थानीय लोगों का गुस्सा शांत होता नहीं दिख रहा।
10 साल में चार गुना बढ़ी मुस्लिम आबादी यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब जापान में मुस्लिम समुदाय की संख्या तेजी से बढ़ी है। वासेदा यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार, 2010 में जापान में मुसलमानों की संख्या लगभग 1.1 लाख थी, जो 2024 के अंत तक बढ़कर 4.2 लाख के करीब पहुंच गई। मस्जिदों की संख्या में भी रिकॉर्ड उछाल आया है; 2008 में जहां केवल 50 मस्जिदें थीं, वहीं 2025 तक इनकी संख्या 160 के पार हो गई है।
आर्थिक जरूरत और इमिग्रेशन का असर विशेषज्ञों के मुताबिक, जापान में मुस्लिम आबादी में इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह देश की आर्थिक जरूरतें हैं। गिरती जन्मदर और तेजी से बूढ़े होते समाज के कारण जापान को विदेशी श्रमिकों की सख्त जरूरत है। इंडोनेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अन्य देशों से बड़ी संख्या में लोग नर्सिंग, केयरगिविंग और तकनीकी क्षेत्रों में काम करने के लिए जापान पहुंच रहे हैं।
धार्मिक मान्यताएं और प्रशासन की चुनौती विरोध की एक बड़ी वजह अंतिम संस्कार की परंपराएं भी हैं। जापान में शवदाह (cremation) की परंपरा है, जबकि इस्लाम में दफन (burial) की प्रथा है। मुस्लिम कब्रिस्तानों की कमी और पर्यावरण को लेकर स्थानीय लोगों में चिंताएं हैं।
जापानी संविधान सभी धर्मों को स्वतंत्रता देता है, जिसके चलते यदि मस्जिद निर्माण के सभी नियम पूरे होते हैं, तो प्रशासन के लिए इसे रोकना कानूनी रूप से कठिन है। फुजीसावा का यह विवाद अब केवल एक मस्जिद का मुद्दा नहीं रह गया, बल्कि इमिग्रेशन और बदलती जनसांख्यिकी के बीच जापान की अपनी पहचान बचाने की एक बड़ी बहस का केंद्र बन गया है।
JAPAN: Thousands gathered to protest the construction of the first mosque in Fujisawa. The proposed mosque would be much larger than the nearby Shinto shrine, an act of provocation.
— Dr. Maalouf (@realMaalouf) April 12, 2026
“We don’t want a single mosque, or Muslim cemetery here!” pic.twitter.com/NhqCY0znCI
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