महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की BPO यूनिट में हुए यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के परिवारों ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक साजिश करार दिया है।
परिजनों का पलटवार: हमारे बच्चों को फंसाया गया आरोपी रजा रफीक मेमन के चाचा रजाक काजी ने मीडिया के सामने आकर पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह मामला पूरी तरह से सुनियोजित है और इसके पीछे किसी हिंदू संगठन की भूमिका है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़िता के परिवार ने ही साजिश को अंजाम देने के लिए लोगों को बुलाया था। परिजनों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई में भी विसंगतियां हैं, जैसे एक आरोपी को पहले छोड़ना और फिर दोबारा गिरफ्तार करना।
हम शिक्षित परिवार से हैं एक अन्य आरोपी तौसीफ अटार के पिता बिलाल फकीर मोहम्मद अटार ने भी इन दावों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार पूरी तरह से पढ़ा-लिखा है और उनका बेटा BCA ग्रेजुएट है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके बेटे पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं और उसे एक सोची-समझी योजना के तहत फंसाया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला? पुलिस के अनुसार, इस केस में कुल 9 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 8 महिला कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ साथियों पर मानसिक और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। वहीं, एक पुरुष कर्मचारी ने कार्यस्थल पर जबरन धर्मांतरण के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों का आरोप है कि HR विभाग ने उनकी शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया।
7 गिरफ्तार, एक की तलाश जारी मामले में अब तक 7 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें दानिश शेख, तौसीफ अटार, रजा रफीक मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और HR हेड अश्विनी चेनानी शामिल हैं। वहीं, एक महिला आरोपी निदा खान अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस के मुताबिक, ये सभी आरोपी एक संगठित ग्रुप की तरह काम कर रहे थे।
TCS का जीरो टॉलरेंस रुख कंपनी ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है। संबंधित सभी आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि कंपनी स्तर पर इसकी जांच की जा रही है, जिसकी निगरानी COO अराठी सुब्रमणियन खुद कर रही हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है।
Nashik, Maharashtra: On the Nashik IT company case, father of accused Tausif Attar, Bilal Fakir Mohammad Attar says, We are well-educated. I am a graduate myself, and my son is also a graduate. He has completed his BCA. Our entire family is educated. Whatever is happening is… pic.twitter.com/7T3BYlYeQc
— IANS (@ians_india) April 16, 2026
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