ईरान पर अंतिम प्रहार : ट्रंप का दावा, जल्द घुटने टेकेगा तेहरान
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अमेरिका और ईरान के बीच चल रही भीषण सैन्य जंग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक साक्षात्कार में दावा किया है कि ईरान के साथ यह युद्ध अब खत्म होने की कगार पर है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि तेहरान अब समझौते के लिए उत्सुक है।

काम अभी अधूरा है ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी सेना का मिशन अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, अगर हम अभी पीछे हट गए, तो ईरान को दोबारा खड़ा होने और अपनी ताकत जुटाने में 20 साल लग जाएंगे। ट्रंप के अनुसार, ईरान की अर्थव्यवस्था और सैन्य ढांचा बुरी तरह चरमरा चुका है, जिससे उन्हें झुकने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

परमाणु हथियारों पर कड़ा प्रहार राष्ट्रपति ने ईरान पर किए गए सैन्य हमलों का बचाव करते हुए कहा कि तेहरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना वैश्विक सुरक्षा के लिए अनिवार्य था। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए संयुक्त सैन्य अभियान में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और कई शीर्ष अधिकारियों के खात्मे के बाद ईरान की कमर टूट चुकी है।

इस्लामाबाद में हो सकती है अगली बातचीत सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच अगले दौर की शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को चुना गया है। इस वार्ता का नेतृत्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर सकते हैं। चर्चा में ट्रंप के सलाहकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के भी शामिल होने की संभावना है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अगले 48 घंटों के भीतर इस मोर्चे पर कोई बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल सकता है।

समुद्र में ईरान की घेराबंदी अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के सभी प्रमुख बंदरगाहों की पूरी तरह से नाकेबंदी कर दी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और आसपास के समुद्री रास्तों पर अमेरिकी नौसेना का पूरा नियंत्रण है। एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार, नाकेबंदी के पहले 36 घंटों में ही ईरान का समुद्री व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है। ईरान की 90% अर्थव्यवस्था समुद्री मार्ग पर निर्भर है, ऐसे में यह उसके लिए सबसे बड़ा आर्थिक झटका है।

10 हजार जवानों का पहरा इस मिशन को अंजाम देने के लिए 10,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक, दर्जनों युद्धपोत और अत्याधुनिक लड़ाकू विमान तैनात किए गए हैं। अमेरिकी गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए हैं। शुरुआती 24 घंटों में ही अमेरिकी सेना ने घेराबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे 6 व्यापारिक जहाजों को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध केवल ईरान के लिए है, अन्य देशों के जहाजों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं होगी।

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