पश्चिम एशिया में तनाव एक विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने ईरान के सभी बंदरगाहों पर पूर्ण नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी है। इस अभियान में 10,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक, युद्धपोत और दर्जनों लड़ाकू विमान तैनात किए गए हैं।
पहले 24 घंटों का असर नाकाबंदी लागू होने के शुरुआती 24 घंटों में ही इसका असर दिखने लगा है। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान कोई भी जहाज नाकाबंदी को भेदने में सफल नहीं रहा। निर्देश का पालन करते हुए 6 व्यापारिक जहाजों को वापस ईरानी बंदरगाहों की ओर लौटना पड़ा। यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा निर्धारित डेडलाइन समाप्त होने के बाद की गई है।
समुद्री सीमाएं सील अमेरिकी सेना ने अरब सागर, ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के ईरानी तटीय क्षेत्रों में प्रवेश करने या वहां से निकलने वाले सभी देशों के जहाजों पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए हैं। हालांकि, अमेरिका ने यह भी कहा है कि वह उन जहाजों के लिए नौवहन की स्वतंत्रता का समर्थन कर रहा है जो गैर-ईरानी बंदरगाहों से आ-जा रहे हैं।
वैश्विक हलचल और कूटनीतिक दबाव यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने इस घेराबंदी की पुष्टि करते हुए इसे समुद्री पहुंच पर बड़ा प्रतिबंध बताया है। पाकिस्तान में शांति वार्ता के विफल होने के बाद, होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक महाशक्तियों के लिए सबसे बड़ा तनाव बिंदु बन गया है।
फ्रांस-यूके की पहल और वैश्विक सम्मेलन इस संकट को सुलझाने के लिए फ्रांस और ब्रिटेन सक्रिय हो गए हैं। शुक्रवार को पेरिस में एक वीडियो कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 40 से अधिक देशों के नेता शामिल होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य एक बहुपक्षीय और रक्षात्मक मिशन तैयार करना है ताकि ऊर्जा के इस महत्वपूर्ण रास्ते पर आवाजाही को बहाल किया जा सके।
पीएम मोदी और ट्रंप की फोन पर बात इस बीच, सुरक्षा हालात पर चर्चा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने की जरूरत पर जोर दिया। गौरतलब है कि संघर्ष शुरू होने से पहले दुनिया का 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से गुजरता था, जिसकी आपूर्ति ठप होने से वैश्विक तेल कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है।
More than 10,000 U.S. Sailors, Marines, and Airmen along with over a dozen warships and dozens of aircraft are executing the mission to blockade ships entering and departing Iranian ports. During the first 24 hours, no ships made it past the U.S. blockade and 6 merchant vessels… pic.twitter.com/dpWAAknzQp
— U.S. Central Command (@CENTCOM) April 14, 2026
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