मुर्शिदाबाद में ओवैसी का ममता पर बड़ा प्रहार, पुरानी फाइलों से निकाला बीजेपी कनेक्शन
News Image

पश्चिम बंगाल की बदलती सियासी फिजा में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की एंट्री ने नई हलचल पैदा कर दी है। मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने न केवल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखे हमले किए, बल्कि टीएमसी के बी-टीम वाले नैरेटिव को भी पुरजोर तरीके से खारिज किया।

बी-टीम के आरोपों का ओवैसी ने दिया करारा जवाब

अक्सर विपक्षी खेमों द्वारा एआईएमआईएम को बीजेपी की बी-टीम बताने पर ओवैसी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि उनकी पार्टी केवल लोगों की आवाज है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह राज्य के मुसलमानों की राजनीतिक भागीदारी और नेतृत्व को सुनिश्चित करने के लिए बंगाल आए हैं और भविष्य में भी आते रहेंगे। उनके अनुसार, वास्तविक इंसाफ तभी मिलेगा जब मुसलमानों के पास अपनी राजनीतिक एजेंसी होगी।

1998 और 1999 की याद दिलाकर ममता को घेरा

ओवैसी ने ममता बनर्जी के राजनीतिक इतिहास पर सवाल उठाते हुए पुराने पन्ने पलटे। उन्होंने याद दिलाया कि 1998 में जब ममता बनर्जी ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया था और दमदम से बीजेपी उम्मीदवार को सांसद बनाया था, तब वह खुद वहां मौजूद नहीं थे। उन्होंने 1999 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी बीजेपी सांसद ममता के सहयोग से ही संसद पहुंचे थे। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, क्या तब ओवैसी ने उन्हें बीजेपी से गठबंधन करने को कहा था?

मुर्शिदाबाद को क्या मिला?

जनसभा के दौरान ओवैसी ने मुर्शिदाबाद के विकास पर भी सवाल उठाए। उन्होंने स्थानीय जनता से पूछा कि तीन बार ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाने और उनके उम्मीदवारों को भारी बहुमत से जिताने के बावजूद इस क्षेत्र के हाथ क्या लगा? ओवैसी ने आरोप लगाया कि यहां के बच्चों के रोजगार और इंडस्ट्री के मुद्दे पर कोई भी पार्टी बात नहीं करती, केवल सेक्युलरिज्म का नाम लेकर वोट बटोरे जाते हैं।

अल्पसंख्यकों के साथ घोर नाइंसाफी का आरोप

ओवैसी ने बंगाल में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के साथ हुई ऐतिहासिक नाइंसाफी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने 1962 की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जब 8 लाख मुसलमानों को पूर्वी पाकिस्तान धकेला गया था, तब तथाकथित सेक्युलर दल अंधे और बहरे बने हुए थे। उन्होंने कहा कि आज भी बंगाल के मुस्लिम अकलियत के साथ घोर अन्याय हो रहा है, और उनकी पार्टी इसी खामोशी को तोड़कर जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए मैदान में उतरी है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

आईपीएल 2026: वानखेड़े में रोहित शर्मा का बैट-गेट विवाद, मैदान पर हुई तीखी बहस

Story 1

ईरान के लिए काल बनेगा मोसाद का नया बॉस, नेतन्याहू ने बहादुर योद्धा रोमन गोफमैन को सौंपी कमान

Story 1

क्या टूट गया पंड्या ब्रदर्स का अटूट रिश्ता? हार्दिक के विकेट पर क्रुणाल का आक्रामक जश्न चर्चा में

Story 1

सुरों की मल्लिका आशा भोसले के निधन से देश स्तब्ध, बिलखती दिखीं पोती जनाई भोसले

Story 1

नोएडा में हिंसक हुआ श्रमिकों का प्रदर्शन, शहर की सड़कों पर लगा लंबा जाम; इन रास्तों से बचें

Story 1

विटामिन-डी सप्लीमेंट खाने का सही तरीका: अब्जॉर्प्शन बढ़ाएं 50% तक

Story 1

पवेलियन लौटते ही आपा खो बैठे विराट कोहली, फेंक दिया हेलमेट; वायरल हुआ वीडियो

Story 1

10-12 हजार में कैसे चलेगा घर? नोएडा में भड़के श्रमिकों का आरोप- शांति से धरना दे रहे थे, पुलिस ने बरसाईं लाठियां

Story 1

जशपुर से रायगढ़ जा रही बस बनी नशे का जरिया: 480 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप के साथ चालक दल के तीनों सदस्य गिरफ्तार

Story 1

झांसी में कोचिंग जिहाद का खुलासा: हिंदू छात्राओं को गौ-मांस खाने की नसीहत और आधी रात को गंदे मैसेज