बिहार का अगला CM कौन? पटना में नीतीश के बेटे निशांत के नाम के लगे पोस्टर, सियासी हलचल तेज
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बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद से ही कयासों का दौर जारी है। इस बीच, पटना की सड़कों पर लगे कुछ पोस्टर्स ने प्रदेश की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। जेडीयू कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के नाम की पैरवी शुरू कर दी है।

पोस्टर में क्या लिखा है? पटना के विभिन्न हिस्सों में लगाए गए इन होर्डिंग्स और पोस्टर्स पर स्पष्ट रूप से नेक्स्ट सीएम ऑफ बिहार लिखा हुआ है। इन पोस्टर्स में दावे के साथ कहा गया है कि नीतीश कुमार का मिशन विकसित बिहार-2040 अधूरा है, जिसे केवल निशांत कुमार ही पूरा कर सकते हैं।

बुलडोजर नहीं, निशांत चाहिए कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए पोस्टर्स में एक खास नारा दिया गया है: बिहार में न तो बुलडोजर का बवाल चाहिए और न ही दंगा-फसाद, अब हमें नीतीश की परछाईं के रूप में युवा जनसेवक निशांत कुमार चाहिए। इन नारों के जरिए जेडीयू के जमीनी कार्यकर्ता पार्टी की कमान अगली पीढ़ी को सौंपने की मांग उठा रहे हैं।

बीजेपी की संभावनाओं के बीच बढ़ी तनातनी राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश कुमार के केंद्र में जाने के बाद बिहार की कमान भारतीय जनता पार्टी के किसी नेता को मिल सकती है। ऐसे में जेडीयू समर्थकों द्वारा अचानक निशांत कुमार के नाम को आगे करना भाजपा के साथ गठबंधन की भविष्य की राजनीति पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

संजय झा ने क्या कहा? जेडीयू नेता संजय झा ने इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार में अगली सरकार नीतीश कुमार की नीतियों और विचारों पर ही चलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार भले ही दिल्ली में रहें, लेकिन सरकार को उनका मार्गदर्शन और सहयोग मिलता रहेगा।

नीतीश को दिल से नहीं निकाल सकते संजय झा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोधी चाहे कितनी भी चिंता कर लें, लेकिन जेडीयू और नीतीश कुमार को जनता के दिल से नहीं निकाला जा सकता। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की साख उनकी ईमानदारी है, जिन्होंने 20 साल के शासन के बावजूद खुद के लिए सिर्फ दो कमरों का सादा जीवन चुना है।

फिलहाल, इन पोस्टर्स ने एक तरफ जहां कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा है, वहीं पार्टी नेतृत्व के लिए एक नया सिरदर्द पैदा कर दिया है कि क्या वे वाकई वंशवाद के रास्ते पर बढ़ेंगे या भाजपा के साथ गठबंधन की मर्यादा को प्राथमिकता देंगे।

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