भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह इन दिनों अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस यात्रा ने रक्षा गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। वाशिंगटन में उनके भव्य स्वागत और पेंटागन में हुई उच्च स्तरीय बैठकों के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भारत अमेरिकी फाइटर जेट्स की खरीद को लेकर कोई बड़ा फैसला लेने वाला है।
IAF के आधुनिकीकरण पर जोर पेंटागन में अमेरिकी वायुसेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल केन विल्सबैक के साथ एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह की विस्तृत चर्चा हुई। दोनों देशों ने वायुसेना के आधुनिकीकरण और भविष्य की ट्रेनिंग जरूरतों पर एक ठोस रूपरेखा तैयार की है। जनरल विल्सबैक ने भारत द्वारा एमक्यू-9बी स्काई गार्डियन ड्रोन खरीदने के निर्णय की सराहना की, जो भारत की निगरानी और स्ट्राइक क्षमता को नई ऊंचाई देगा।
F-15EX की उड़ान के क्या हैं मायने? एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने नेवाडा के नेलिस एयर फोर्स बेस पर एफ-15ईएक्स ईगल-2 फाइटर जेट में उड़ान भरी। यह महज एक दौरा नहीं, बल्कि क्षमताओं को परखने की कवायद है। भारतीय वायुसेना अपनी फ्लीट को अपडेट करने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रही है। ए-15ईएक्स की कॉकपिट में वायुसेना प्रमुख का बैठना यह संकेत देता है कि भारत अपनी वायु शक्ति को और घातक बनाने के लिए अमेरिकी तकनीक पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
इंडो-पैसिफिक में बढ़ती रणनीतिक साझेदारी बैठक का एक प्रमुख हिस्सा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना था। चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच, भारत और अमेरिका ने इस क्षेत्र को फ्री और ओपन रखने का संकल्प लिया है। जनरल विल्सबैक ने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए भारत का नेतृत्व और दोनों देशों की सैन्य इंटरऑपरेबिलिटी (साथ मिलकर काम करने की क्षमता) बेहद महत्वपूर्ण है।
स्पेस डिफेंस: भविष्य की नई जंग की तैयारी वायुसेना प्रमुख ने कोलोराडो में पीटरसन स्पेस फोर्स बेस का भी दौरा किया। यहां उन्हें नोराड (NORAD) मिशन की बारीकियों से अवगत कराया गया। भारत अब केवल जमीन और आसमान तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि अपनी स्पेस डिफेंस क्षमताओं को भी मजबूत करना चाहता है। अमेरिकी स्पेस फोर्स के साथ यह चर्चा भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों और सुरक्षा के लिहाज से एक गेम चेंजर साबित हो सकती है।
यह दौरा भारत और अमेरिका के बीच बदलते रक्षा समीकरणों को दर्शाता है। जहां भारत अपनी सेना को भविष्य के खतरों के लिए तैयार कर रहा है, वहीं अमेरिका भारत को एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार के रूप में और अधिक मजबूती देने के लिए तत्पर है।
US and Indian Air Chiefs held high-level engagements in Arlington on 08 Apr to advance defence cooperation.
— Indian Air Force (@IAF_MCC) April 11, 2026
Chief of Staff of the U.S. Air Force, Gen. Kenneth Wilsbach, hosted Chief of the Air Staff, Air Chief Marshal A.P. Singh, who was accorded full honours. Discussions with… pic.twitter.com/dtrQonjsVm
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