ईरान-अमेरिका शांति वार्ता: इस्लामाबाद में आमने-सामने दोनों देश, क्या खत्म होगी दशकों की तनातनी?
News Image

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को खत्म करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद अब कूटनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गई है। शांति बहाली के लिए दोनों देशों के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं।

दिग्गजों का जमावड़ा

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर भी शामिल हैं। वहीं, ईरानी टीम की कमान संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ के हाथ में है। उनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची, रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदीयान और सेंट्रल बैंक के चीफ मौजूद हैं।

अभूतपूर्व सुरक्षा घेरा

ईरानी प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा का स्तर इस बात से समझा जा सकता है कि उनके विमान को पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही सुरक्षा प्रदान की गई। पाकिस्तानी वायुसेना के अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट (AWACS) और फाइटर जेट्स ने उन्हें इस्लामाबाद तक एस्कॉर्ट किया। इस्लामाबाद के रेड जोन को पूरी तरह सील कर दिया गया है।

ईरान की 10-पॉइंट डिमांड

ईरान ने शांति के लिए 10 शर्तें रखी हैं, जिन्हें राष्ट्रपति ट्रंप ने काम करने लायक बताया है। मुख्य मांगों में होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का पूर्ण नियंत्रण, सभी प्रकार के अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना, यूरेनियम संवर्धन की अंतरराष्ट्रीय मंजूरी, हर्जाने की अदायगी और क्षेत्र से अमेरिकी सेना की वापसी शामिल है।

अमेरिका की 15-पॉइंट चुनौती

दूसरी ओर, अमेरिका का 15-सूत्रीय प्रस्ताव ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित है। अमेरिका चाहता है कि ईरान कभी परमाणु हथियार विकसित न करने का वादा करे, यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करे और मौजूदा स्टॉक IAEA को सौंपे। साथ ही, हूती और हिजबुल्ला जैसे प्रॉक्सी समूहों को समर्थन बंद करने की शर्त रखी गई है।

पेचीदा मोड़ और इजराइल का रुख

शांति वार्ता के बीच शब्दों के फेर ने भी चुनौतियां पैदा की हैं। समझौते के फारसी और अंग्रेजी संस्करणों में यूरेनियम संवर्धन को लेकर विरोधाभासी बातें सामने आई हैं। एक तरफ जहां बातचीत जारी है, वहीं इजरायल ने साफ कर दिया है कि लेबनान में उसके हमले नहीं रुकेंगे। बातचीत के दौरान ही दक्षिण लेबनान में हुए हमले में तीन लोगों की मौत ने शांति प्रयासों की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस दौर को बनाओ या बिगाड़ो (Make or Break) वाला पल करार दिया है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस्लामाबाद में बंद दरवाजों के पीछे चल रही इस बातचीत पर टिकी हैं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

इतिहास के पन्नों में दर्ज हुई वापसी: NASA के Artemis II मिशन ने चांद से लौटकर रचा कीर्तिमान

Story 1

सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले: महंगाई भत्ते में 2.1% का इजाफा, जानें किसे मिलेगा लाभ

Story 1

हाफिज सईद और मसूद अजहर को भी नोबेल दिला दो... शहबाज-मुनीर के लिए नामांकन मांग पर के. कविता का करारा प्रहार

Story 1

मिर्जापुर में फिल्मी स्टाइल में शूटआउट: 57 सेकंड में वकील की घर के बाहर हत्या

Story 1

डियर वैभव : विराट कोहली ने युवा सनसनी सूर्यवंशी को दिया खास आशीर्वाद

Story 1

वैभव सूर्यवंशी पर मत डालिए दबाव : 15 साल के युवा स्टार पर अनिल कुंबले का बड़ा बयान

Story 1

OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन के घर पर पेट्रोल बम से हमला, बाल-बाल बची जान; संदिग्ध गिरफ्तार

Story 1

15 साल की उम्र में तूफानी बैटिंग, फिर भी क्यों दुखी हैं वैभव सूर्यवंशी?

Story 1

विराट कोहली के कैच पर क्यों झल्लाए वैभव सूर्यवंशी? 15 साल के सुपरस्टार ने बताई हार न मानने की जिद

Story 1

शांति वार्ता से पहले ईरान का भावुक वार , विमान में रखे मासूमों के जूते-बैग बने अमेरिका के खिलाफ सबूत