होर्मुज का ‘अग्निपथ’: ट्रंप के साथ 2 हफ़्ते की पीस डील और ईरान की 10 सख्त शर्तें
News Image

दुनिया एक बार फिर तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने से वापस लौटी है। मंगलवार को जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले की धमकी दी, तो पूरी दुनिया की सांसें थम गई थीं। लेकिन, डेडलाइन खत्म होने से ठीक पहले पाकिस्तान की मध्यस्थता से एक ऐतिहासिक कूटनीतिक मोड़ आया है।

ट्रंप का अल्टीमेटम और अचानक आया बदलाव ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी थी कि आधी रात तक समझौता न हुआ तो ईरान की सभ्यता खत्म हो जाएगी। हालांकि, आखिरी घंटों में अमेरिका ने अपना रुख नरम किया। ट्रंप प्रशासन ईरान के 10-पॉइंट वाले प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार हो गया है, जिससे मिडिल ईस्ट में जारी मिसाइल और ड्रोन हमलों पर तत्काल प्रभाव से रोक लग गई है।

शांति के लिए पाकिस्तान बना मंच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने पुष्टि की है कि 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच औपचारिक बातचीत होगी। इस दो हफ़्तों के नाजुक सीजफायर को एक स्थायी समाधान में बदलने की कोशिश की जाएगी। यह शांति कितनी टिकाऊ होगी, यह आने वाले 14 दिनों की वार्ताओं पर निर्भर करेगा।

ईरान की 10 शर्तें: क्या हैं तेहरान की मांगे? ईरान ने अपने प्रस्ताव में कड़े तेवर अपनाए हैं। प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  1. अमेरिका द्वारा नॉन-अग्रेसन (गैर-आक्रमण) समझौता।
  2. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का पूर्ण नियंत्रण बरकरार रहना।
  3. ईरान के परमाणु संवर्धन (Enrichment) अधिकारों को मान्यता।
  4. अमेरिका द्वारा सभी प्राइमरी और सेकेंडरी प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाना।
  5. UN और IAEA के ईरान विरोधी प्रस्तावों को रद्द करना।
  6. ईरान को हुए नुकसान का मुआवजा।
  7. क्षेत्र से अमेरिकी कॉम्बैट फोर्स की वापसी।
  8. हिजबुल्लाह समेत अन्य क्षेत्रीय संघर्षों को समाप्त करना।

होर्मुज स्ट्रेट: तेल का रास्ता और सुरक्षा की गारंटी इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट का खुलना है। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऑयल चोकपॉइंट है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा गुजरता है। ईरान ने दो हफ़्तों के लिए वहां सुरक्षित रास्ता देने की बात कही है।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल वहां की निगरानी ईरानी सैन्य प्रबंधन के पास रहेगी। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया है कि वे हमले तभी रोकेंगे जब स्ट्रेट को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोल दिया जाएगा।

सामने है एक कठिन परीक्षा यह 14 दिनों का समय न केवल ईरान और अमेरिका के बीच के अविश्वास को कम करने का है, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक परीक्षा है। क्या यह शांति एक स्थायी समझौते की नींव बनेगी, या यह केवल अगला बड़ा संघर्ष शुरू होने से पहले की एक छोटी सी खामोशी है? 10 अप्रैल की इस्लामाबाद वार्ता पर अब पूरी दुनिया की नज़रें टिकी हैं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

RR की आतिशी जीत: मुंबई इंडियंस को 27 रन से हराकर पॉइंट्स टेबल पर किया कब्ज़ा

Story 1

रील लाइफ से रियल लाइफ तक: रेलवे स्टेशन पर 3 इडियट्स स्टाइल में हुई डिलीवरी

Story 1

घर के शेर, बाहर ढेर! मुंबई इंडियंस के लिए अवे मैच बने सिरदर्द, राजस्थान ने 27 रनों से रौंदा

Story 1

दिल्ली में पानी का संकट: आज और कल इन इलाकों में नल रहेंगे सूखे, देखें पूरी लिस्ट

Story 1

मणिपुर में हिंसा का तांडव: दो मासूमों की मौत के बाद भड़की भीड़, चार जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू

Story 1

15 साल के वैभव सूर्यवंशी का धमाका: बुमराह के ओवर में जड़े दो तूफानी छक्के

Story 1

15 साल की उम्र, बुमराह का खौफ और पहली ही गेंद पर छक्का: वैभव सूर्यवंशी ने मचाया तहलका

Story 1

गुवाहाटी में यशस्वी का तूफान: राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को 27 रनों से रौंदा

Story 1

वैभव सूर्यवंशी का भावुक वीडियो वायरल: बुमराह को छक्का जड़कर खुद आउट होने पर फूट-फूटकर रोने लगे युवा सितारा

Story 1

जन्मदिन पर अल्लू अर्जुन का धमाका: AA22 का नाम राका हुआ फाइनल, पहली झलक ने बढ़ाई हलचल