ईरान-अमेरिका युद्ध: 40 दिनों की तबाही के बाद दो हफ़्ते के सीज़फ़ायर पर थमा बारूद
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28 फरवरी को शुरू हुई भीषण जंग अब अपने छठे हफ़्ते में है। 40 दिनों की लगातार गोलाबारी के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अमेरिकी हमलों को दो हफ़्ते के लिए रोकने का ऐलान किया है। तेहरान ने भी संकेत दिया है कि यदि हमले बंद रहे, तो वह अपने रक्षात्मक ऑपरेशन रोक देगा। इस फैसले से तनाव कम होने की एक नाजुक उम्मीद जगी है।

5,000 से अधिक लोगों की मौत मानवाधिकार संगठनों और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस युद्ध ने अब तक एक दर्जन से अधिक देशों को प्रभावित किया है। इस संघर्ष में 1,600 से अधिक नागरिकों सहित 5,000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।

तेहरान में जश्न, बाज़ारों में राहत सीज़फ़ायर की घोषणा के बाद तेहरान की सड़कों पर लोग जीत का जश्न मनाते दिखे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग ईरानी झंडे लहराते हुए नजर आए। इस घोषणा का असर ग्लोबल मार्केट पर भी दिखा; तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। यूएस क्रूड फ्यूचर्स 16% गिरकर 94.59 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 15% गिरकर 92.35 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

क्या स्थायी शांति संभव है? हालांकि बाजार में तेजी आई है, लेकिन विशेषज्ञ अभी भी सतर्क हैं। इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट के एलेक्स होम्स का कहना है कि यह सीज़फ़ायर कितना टिकाऊ होगा, यह पूरी तरह से ईरान, इज़राइल और अन्य पक्षों से मिलने वाले संकेतों पर निर्भर करेगा। फिलहाल बातचीत में बड़ी बाधाएं बनी हुई हैं।

होर्मुज स्ट्रेट पर बड़ा बदलाव शांति वार्ता के बीच एक बड़ा प्रस्ताव सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान और ओमान को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांज़िट फीस लेने की अनुमति दी जा सकती है। यदि यह लागू होता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री इतिहास में एक बड़ा बदलाव होगा, क्योंकि यह क्षेत्र अब तक टोल-फ्री रहा है।

व्हाइट हाउस की ऑपरेशन एपिक फ्यूरी पर मुहर व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने इसे अमेरिकी सैन्य जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी , जिसे 4-6 हफ्ते तक चलने का अनुमान था, 38 दिनों में ही अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर चुका है। उन्होंने दावा किया कि इस ऑपरेशन ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और दीर्घकालिक शांति के लिए आधार तैयार किया है।

अस्थिरता बरकरार सीज़फ़ायर के बावजूद सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी हैं। इज़राइल के तेल अवीव में भी सायरन बजते रहे, जो इस क्षेत्र में बनी हुई अनिश्चितता और सुरक्षा तैयारियों को दर्शाता है। वहीं दूसरी ओर, ईरान में दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या के 40 दिन पूरे होने पर शोक सभाओं का आयोजन किया जा रहा है, जबकि भारत के हैदराबाद में भी ईरानी लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए विशेष दुआएं की गईं।

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