वाशिंगटन/इस्लामाबाद: मिडिल ईस्ट में पिछले एक महीने से जारी भीषण तनाव के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमति बन गई है। इस पूरी कूटनीतिक सफलता के पीछे पाकिस्तान की भूमिका को लेकर बड़ी चर्चा हो रही है।
ट्रंप ने की शहबाज की तारीफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस सीजफायर का ऐलान किया। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत के बाद ही उन्होंने ईरान पर होने वाले संभावित सैन्य हमलों को रोकने का फैसला किया। यह पहली बार है जब वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान की मध्यस्थता को इतनी बड़ी स्वीकृति मिली है।
बातचीत का रास्ता कैसे खुला? शहबाज शरीफ की पहल ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की जमीन तैयार की। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि इस कदम से क्षेत्रीय स्थिरता की उम्मीद जगी है। तनावपूर्ण माहौल में बातचीत का रास्ता खुलना अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
10 अप्रैल को होगी बड़ी वार्ता डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ने ईरान में अपने सभी सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं, जिसके बाद ही युद्धविराम का फैसला लिया गया। अब मामले के स्थायी समाधान के लिए 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में औपचारिक वार्ता शुरू होगी। दोनों देशों के प्रतिनिधि आमने-सामने बैठकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
ईरान का सकारात्मक रुख ईरान ने भी इस सीजफायर को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। ईरान ने घोषणा की है कि वह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दो हफ्तों के लिए सामान्य व्यापार के लिए खोल रहा है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों को बड़ा संबल मिलेगा। ईरान ने इसे अपनी कूटनीतिक जीत करार देते हुए नागरिकों को जश्न मनाने की अपील की है।
PRESIDENT TRUMP: 🇮🇷🇺🇸 Based on conversations with Prime Minister Shehbaz Sharif and Field Marshal Asim Munir, of Pakistan, and wherein they requested that I hold off the destructive force being sent tonight to Iran, and subject to the Islamic Republic of Iran agreeing to the… pic.twitter.com/5kusEoCMbf
— Donald J Trump Posts TruthSocial (@TruthTrumpPost) April 7, 2026
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