दुनिया अभी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के तनाव से उबर भी नहीं पाई है कि एक और समुद्री मार्ग पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। ईरान ने धमकी दी है कि अगर उस पर या उसके ठिकानों पर हमले बढ़े, तो वह बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को भी ठप कर देगा। अगर ऐसा हुआ, तो यह न केवल वैश्विक व्यापार के लिए एक बड़ा झटका होगा, बल्कि पूरी दुनिया आंसुओं के द्वार पर खड़ी नजर आएगी।
बाब अल-मंदेब लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाला एक बेहद संकरा रास्ता है। यह स्वेज नहर का प्रवेश द्वार है। यहां से दुनिया का 10 से 12 प्रतिशत समुद्री व्यापार और 9 प्रतिशत कच्चा तेल रोज गुजरता है। यदि यह मार्ग बंद होता है, तो वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा जाएगी और तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने की आशंका है, जिससे दुनिया भर में महंगाई और मंदी का खतरा बढ़ जाएगा।
भारत के लिए यह रूट किसी लाइफलाइन से कम नहीं है। भारत का यूरोप और उत्तरी अफ्रीका के साथ होने वाला 80 फीसदी व्यापार इसी रास्ते से होता है। आंकड़ों के मुताबिक, भारत का करीब 50 फीसदी निर्यात और 30 फीसदी आयात इसी जलसंधि से होकर गुजरता है। इस मार्ग के बाधित होने का सीधा असर भारतीय उद्योगों और आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।
यद्यपि यह स्ट्रेट ईरान से 2000 किलोमीटर दूर है, लेकिन यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती विद्रोही इस इलाके को नियंत्रित करते हैं। हूतियों ने पहले ही धमकी दे दी है कि वे यहां से एक बूंद तेल भी नहीं गुजरने देंगे। मिसाइल हमलों के जरिए युद्ध में कूद चुके हूतियों का यह नया मोर्चा ग्लोबल इकॉनमी के लिए रेड अलर्ट समान है।
बाब अल-मंदेब का अरबी में अर्थ ही आंसुओं का दरवाजा होता है। यह नाम आज के हालात में सटीक बैठता है। 100 किलोमीटर लंबा और 30 किलोमीटर चौड़ा यह रास्ता एशिया और यूरोप के बीच की सबसे छोटी कड़ी है। इससे पहले भी 1973 के युद्ध और सोमालियाई समुद्री डकैतों के दौर में यह रास्ता प्रभावित रहा है, लेकिन वर्तमान भू-राजनीतिक तनाव इसे पहले से कहीं अधिक खतरनाक स्थिति में धकेल रहा है।
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। जहां एक ओर होर्मुज स्ट्रेट पहले ही तेल की कीमतों में भारी उछाल के लिए जिम्मेदार है, वहीं बाब अल-मंदेब का बंद होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए दोहरी मार साबित होगा। यदि कूटनीति के जरिए इस सैन्य मोर्चे को नहीं रोका गया, तो यह आंसुओं का द्वार आने वाले समय में पूरी दुनिया को रुला सकता है।
Iran can kill West’s last trade artery if Trump follows thru — supreme leader advisor
— RT (@RT_com) April 6, 2026
1/3 of ALL containers went through Yemen Bab el-Mandab Strait — World Bank https://t.co/kQp4cOEkoP pic.twitter.com/WcKJejvzJq
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