ट्रंप की गाली वाली धमकी पर ईरान का पलटवार, पुरानी हार की याद दिलाते हुए कहा- पाषाण युग में न पहुंचो
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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खोलने की डेडलाइन देते हुए अपशब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके जवाब में ईरान ने अमेरिका के 1980 के उस मिशन की याद दिलाई जो उनके लिए आज भी एक शर्मनाक अध्याय है।

ट्रंप की धमकी और ईरान का तंज ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट करते हुए ईरान को मंगलवार (7 अप्रैल 2026) तक का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाने की धमकी देते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। ट्रंप ने दावा किया कि वे ईरान के साथ बातचीत के जरिए समझौते की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी धमकियों का अंदाज काफी आक्रामक रहा।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए थाईलैंड स्थित ईरानी दूतावास ने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति जिस तरह से बच्चों की तरह गालियां दे रहे हैं, उससे लगता है कि अमेरिका उम्मीद से पहले ही पाषाण युग में पहुंच गया है।

इतिहास का वह काला अध्याय: ऑपरेशन ईगल क्लॉ भारत स्थित ईरानी दूतावास ने इस विवाद के बीच 1980 के ऑपरेशन ईगल क्लॉ की तस्वीरें साझा कीं। दूतावास ने लिखा, इतिहास खुद को दोहराता है। ऑपरेशन ईगल क्लॉ ईरान के रेगिस्तान में अमेरिकी सेना की ऐतिहासिक विफलता थी। गाली-गलौज हारे हुए लोगों का काम है, अब होश में आओ।

यह ऑपरेशन 24 अप्रैल 1980 को चलाया गया था। तब 4 नवंबर 1979 को तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास पर कब्जे के बाद 66 अमेरिकियों को बंधक बना लिया गया था। तत्कालीन राष्ट्रपति जिमी कार्टर ने इन बंधकों को छुड़ाने के लिए एक सैन्य मिशन को मंजूरी दी थी।

धूल के तूफान में कैसे नाकाम हुआ अमेरिका? यह मिशन एक बड़ी आपदा में बदल गया। ईरान के रेगिस्तान में अचानक आए भयंकर धूल के तूफान ने मिशन को बेपटरी कर दिया। कम दृश्यता के कारण कई हेलीकॉप्टर खराब हो गए और मिशन को बीच में ही रोकना पड़ा। वापसी की तैयारी के दौरान एक हेलीकॉप्टर C-130 विमान से टकरा गया, जिसमें 8 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई। अमेरिका को खाली हाथ लौटना पड़ा और बंधक 270 दिनों तक ईरान की कैद में रहे।

ट्रंप के लहजे पर अमेरिका में भी विरोध ट्रंप की इस भाषा को लेकर उनके अपने देश में भी आलोचना हो रही है। न्यूयॉर्क के डेमोक्रेटिक सांसद चक शुमर ने ट्रंप के रवैये की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश ईस्टर का जश्न मना रहा है और वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रपति सोशल मीडिया पर एक बेकाबू पागल की तरह बड़बड़ा रहे हैं।

शुमर ने कहा कि अमेरिका इससे बेहतर व्यवहार का हकदार है। फिलहाल, ट्रंप की धमकियों और ईरान के तीखे तेवरों ने मिडिल ईस्ट में नए सिरे से तनाव को जन्म दे दिया है।

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