ईरान के पहाड़ों में 36 घंटे की जंग: अमेरिकी पायलट की हॉलीवुड स्टाइल में साहसी वापसी
News Image

अमेरिकी सेना ने ईरान की धरती पर एक ऐसा रेस्क्यू ऑपरेशन अंजाम दिया है, जिसे इतिहास के सबसे साहसी अभियानों में गिना जा रहा है। शुक्रवार को ईरान द्वारा F-15E फाइटर जेट गिराए जाने के बाद लापता हुए वेपन्स ऑफिसर को 36 घंटे बाद मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

दुश्मन के इलाके में 36 घंटे की जद्दोजहद

जेट क्रैश होने के बाद, पायलट तो तुरंत सुरक्षित निकल गया था, लेकिन वेपन्स ऑफिसर दुश्मन के दुर्गम इलाके में फंस गया। करीब एक दिन तक वह ऑफिसर केवल एक पिस्तौल के दम पर पहाड़ों में छिपा रहा। ईरानी सेना ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी थी और स्थानीय लोगों को पकड़ने के लिए इनाम का लालच भी दिया, लेकिन सरकार विरोधी इलाका होने के कारण ऑफिसर को छिपने में मदद मिली।

सीआईए (CIA) की दिमागी जंग

रेस्क्यू से पहले सीआईए ने ईरान को भटकाने के लिए एक सटीक चाल चली। उन्होंने ईरान के भीतर यह अफवाह फैला दी कि अमेरिकी सेना एयरमैन तक पहुंच चुकी है। इससे ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) का ध्यान मुख्य लोकेशन से भटक गया। इसी बीच, सीआईए ने सुरक्षित कम्युनिकेशन डिवाइस और बीकन के जरिए ऑफिसर की सटीक लोकेशन ट्रेस की और सीधे पेंटागन व व्हाइट हाउस को जानकारी दी।

हॉलीवुड फिल्म जैसा रेस्क्यू ऑपरेशन

शनिवार को स्पेशल कमांडो यूनिट ने एक बड़ा रेस्क्यू मिशन शुरू किया। सैकड़ों स्पेशल ऑपरेशंस ट्रूप्स, दर्जनों युद्धक विमानों और हेलिकॉप्टरों ने ईरान के हवाई क्षेत्र में दस्तक दी। जब कमांडो ऑफिसर के करीब पहुंचे, तो जबरदस्त गोलाबारी शुरू हो गई। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरानी काफिलों को रोकने के लिए भारी बमबारी की, ताकि रेस्क्यू टीम को सुरक्षित रास्ता मिल सके।

विमान फंसे तो अमेरिका ने खुद तबाह किए

ऑपरेशन के अंतिम चरणों में एक तकनीकी संकट तब पैदा हुआ, जब कमांडो और ऑफिसर को ले जाने वाले दो ट्रांसपोर्ट विमान एक रिमोट एयरस्ट्रिप पर फंस गए। समय गंवाए बिना अमेरिका ने तीन नए विमान वहां भेजे। ऑपरेशन पूरा होने के बाद, उन दो खराब विमानों को अमेरिकी सेना ने खुद ही बम से उड़ा दिया, ताकि वे तकनीकी रूप से ईरान के हाथ न लग सकें।

कुवैत पहुंची टीम, ट्रंप ने की तारीफ

सफलतापूर्वक बाहर निकलने और सभी सैनिकों के सुरक्षित होने के बाद, घायल ऑफिसर को इलाज के लिए सीधे कुवैत भेज दिया गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन की प्रशंसा करते हुए इसे अमेरिकी इतिहास का एक साहसी अध्याय बताया है। इस मिशन के दौरान रेस्क्यू टीम का एक भी सदस्य हताहत नहीं हुआ, जो अमेरिकी सेना की सैन्य क्षमता और इंटेलिजेंस का बेहतरीन उदाहरण है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

टक्कर मारकर खुद बनी पीड़ित : महिला ड्राइवर का वीडियो देख भड़केंगे आप

Story 1

केरल में गरजें अमित शाह: बोले- मोदी भेजते हैं चावल, कम्युनिस्ट लगाते हैं अपना ठेला

Story 1

रामगढ़: ईस्टर पर मसीही समुदाय ने कब्रिस्तान में दी श्रद्धांजलि, मोमबत्तियों की रोशनी से गूंजी प्रार्थना

Story 1

अब इलाज के लिए जमीन बेचने की मजबूरी नहीं: इंसेफ्लाइटिस के खात्मे पर CM योगी का बड़ा दावा

Story 1

SRH vs LSG: हार के बाद कप्तान ईशान किशन का बड़ा बयान, बल्लेबाजों की नाकामी पर फोड़ा ठीकरा

Story 1

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अशांति के बीच घर खरीदने का मौका! वायरल वीडियो ने इंटरनेट पर मचाया बवाल

Story 1

IPL 2026: छक्कों की बरसात, ये हैं इस सीजन के टॉप-5 सिक्सर किंग

Story 1

राघव चड्ढा ने साफ की अपनी डिजिटल हिस्ट्री? PM मोदी और BJP विरोधी पोस्ट गायब होने पर मचा बवाल

Story 1

IPL छोड़कर PSL खेलेंगे विदेशी खिलाड़ी? मोहसिन नकवी के बेतुके दावे पर मचा बवाल

Story 1

पाकिस्तान की नई गीदड़भभकी: रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अब कोलकाता को बनाया निशाना