अमेरिका ने मरोड़ी ईरान की गर्दन! होर्मुज-क़ेशम आइलैंड पर भयंकर बमबारी, दहला मिडिल ईस्ट
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मिडिल ईस्ट में तनाव अब उस खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां ईरान की दुखती रग पर सीधा प्रहार किया गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और क़ेशम आइलैंड, जिसके दम पर ईरान वैश्विक जहाजों से वसूली कर रहा था, अब पूरी तरह धुआं-धुआं हो चुका है। अमेरिका और इजरायल के लड़ाकू विमानों ने ईरान के इस रणनीतिक गौरव को निशाना बनाया है।

सैटेलाइट तस्वीरों में तबाही का मंजर कोपरनिकस सेंटिनल-2 की ताजा सैटेलाइट तस्वीरों ने पुख्ता किया है कि ईरान के इस प्रमुख द्वीप पर स्थित बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, 1 अप्रैल की शाम से 2 अप्रैल की दोपहर के बीच क़ेशम द्वीप के बहमन कमर्शियल बंदरगाह और दोहा फिशिंग घाट पर जबरदस्त बमबारी की गई। तस्वीरों में बंदरगाह का किनारा बुरी तरह क्षतिग्रस्त नजर आ रहा है।

दावों की जंग: लड़ाकू विमान गिराने का सच हमले के तुरंत बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि उनके एयर डिफेंस ने एक दुश्मन लड़ाकू विमान को मार गिराया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जलते हुए विमान का एक वीडियो भी जारी किया। हालांकि, अमेरिकी सेंटकॉम ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे सफेद झूठ करार दिया है। पेंटागन का कहना है कि उनका कोई भी विमान इस हमले में शामिल नहीं है और ईरान महज प्रोपेगैंडा फैला रहा है।

ईरान का टोल बूथ और वसूली तंत्र पर प्रहार क़ेशम आइलैंड ईरान के लिए महज एक द्वीप नहीं, बल्कि कमाई का एक बड़ा जरिया है। ईरान ने लरक और क़ेशम के बीच समुद्र में अघोषित टोल बूथ बना रखा था। यहाँ से गुजरने वाले तेल टैंकरों से ईरान 20 लाख डॉलर (करीब 16 करोड़ रुपये) तक की अवैध वसूली करता था। अब अमेरिका द्वारा इस सुविधा को नष्ट करना ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने जैसा है।

ट्रंप की चेतावनी: समझौते का वक्त खत्म? क़ेशम द्वीप, जिसे ईरान ने एक भूमिगत मिसाइल सिटी में तब्दील कर लिया था, अब जंग का मैदान बन चुका है। इस हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने कहा, ईरान का सबसे बड़ा पुल ढह गया है, अब बुनियादी ढांचे की बारी है। ईरान के पास बातचीत के लिए अब बहुत कम समय बचा है।

पर्यटन स्थल से बारूद के ढेर तक कभी अपनी नमक की गुफाओं के लिए मशहूर क़ेशम द्वीप आज वैश्विक वर्चस्व की जंग का केंद्र बन गया है। ईरान इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बता रहा है, लेकिन मौजूदा हालात इशारा कर रहे हैं कि अमेरिका ईरान को पूरी तरह घुटनों पर लाने की अपनी रणनीति पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। मिडिल ईस्ट की यह महाजंग अब किसी भी दिशा में जा सकती है।

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