महायुद्ध का बिगुल: ईरान ने भरी 6 महीने की हुंकार, ट्रंप की मिडिल ईस्ट से वापसी की तैयारी
News Image

तेहरान और वाशिंगटन में तनातनी ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कर दिया है कि उनका देश अमेरिका और इजरायल के साथ लंबी लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है। एक इंटरव्यू में अराघची ने कहा कि ईरान के पास हथियारों और युद्ध सामग्री का विशाल स्टॉक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी कीमत पर अपनी रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ट्रंप की मिडिल ईस्ट से वापसी के संकेत जहां ईरान ने 6 महीने और जंग लड़ने का ऐलान किया है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नजरिया बिल्कुल अलग है। ट्रंप का दावा है कि मिडिल ईस्ट में जारी यह संघर्ष अगले 2 से 3 हफ्तों में समाप्त हो सकता है। व्हाइट हाउस के संकेत बताते हैं कि ट्रंप जल्द ही इस मुद्दे पर राष्ट्र को संबोधित करेंगे और क्षेत्र से अमेरिकी वापसी की दिशा में कदम उठा सकते हैं।

भरोसे का संकट और जीरो संवाद ईरान ने उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि उसने अमेरिका की शर्तें मान ली हैं। विदेश मंत्री अराघची के मुताबिक, अमेरिका के 15-पॉइंट वाले प्लान पर ईरान ने न तो कोई जवाब दिया है और न ही अपनी कोई नई शर्त रखी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ भरोसे का स्तर इस समय जीरो है।

ईरान ने रखी अपनी शर्तें ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने स्पष्ट किया है कि केवल युद्धविराम (सीजफायर) काफी नहीं है। ईरान चाहता है कि लेबनान, इराक और यमन सहित पूरे क्षेत्र में जंग का खात्मा हो। इसके साथ ही, ईरान ने युद्ध में हुए नुकसान के लिए ठोस मुआवजे की मांग भी रखी है। उनका मानना है कि अमेरिका समझौते की आड़ में सैन्य कार्रवाई को अंजाम देता है।

दुनिया पर गहराता आर्थिक संकट आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद शुरू हुई यह जंग वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन गई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, जो दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग है। इस तनाव का सीधा असर आम जनता पर दिख रहा है—अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें 4 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई हैं और यूरोप में महंगाई का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ा है।

अप्रत्यक्ष संवाद और सच्चाई अराघची ने खुलासा किया कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के साथ अनौपचारिक संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है, लेकिन इसे आधिकारिक वार्ता नहीं माना जाना चाहिए। जबकि ट्रंप प्रशासन का दावा है कि ईरान समझौते के लिए दबाव में है, तेहरान का कहना है कि वे अपनी बात केवल आधिकारिक चैनलों या मित्र देशों के माध्यम से ही रख रहे हैं। फिलहाल, दोनों देशों के बीच की यह जंग किसी निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ती दिख रही है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

पंजाब की सियासत में बड़ा उलटफेर: वरिष्ठ वकील एच.एस. फूलका ने थामा बीजेपी का दामन

Story 1

रामायण की तैयारी के लिए रणबीर कपूर ने देखी रामानंद सागर की रामायण , बताया कैसे की प्रभु श्री राम के किरदार की तैयारी

Story 1

क्या फलों की नेचुरल शुगर से बढ़ता है डायबिटीज का खतरा? जानें डॉक्टर से सही तरीका

Story 1

इस बार बड़ा खेला होगा : ममता बनर्जी का बीजेपी पर बड़ा हमला, कहा- इन्हें सत्ता से हमेशा के लिए बाहर करना है

Story 1

मार्च में ओले-बारिश का कहर: क्या यह क्लाइमेट चेंज की आहट है? अब अप्रैल-मई में कैसा रहेगा मौसम?

Story 1

जब फैन ने रणबीर कपूर को कहा रणवीर सिंह , तो एक्टर का रिएक्शन देख छूट जाएगी हंसी

Story 1

दिल्ली कैपिटल्स की शानदार जीत: समीर रिजवी की आतिशी पारी से लखनऊ पस्त

Story 1

महाकाल की शरण में अक्षय कुमार: भूत बंगला की रिलीज से पहले नंदी बाबा से मांगी खास मन्नत

Story 1

LSG vs DC: दिल्ली का संकटमोचक बना युवा ब्रिगेड, लखनऊ के किला को किया ध्वस्त

Story 1

IPL 2026 के बाद थमेगा नहीं क्रिकेट का रोमांच: 30 दिन में 10 टी20 मैच खेलेगी टीम इंडिया, देखें पूरा शेड्यूल