पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग को लिखी गई चिट्ठी ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
ओवैसी ने दी कड़ी प्रतिक्रिया एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ममता के रुख का समर्थन करते हुए एसआईआर (SIR) का कड़ा विरोध किया है। ओवैसी ने कहा कि चुनाव आयोग के पास किसी भी व्यक्ति की नागरिकता की जांच करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह गृह मंत्रालय (MHA) का कार्य है। ओवैसी ने बताया कि इस मामले में उनकी रिट याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
ममता का आरोप: वोटर हाइजैकिंग की साजिश सीएम ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि बंगाल में लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा से जुड़े लोग फर्जी फॉर्म-6 के जरिए बाहरी लोगों को मतदाता सूची में शामिल कर रहे हैं। ममता के अनुसार, यह वोटर हाइजैकिंग है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 60 लाख वास्तविक मतदाताओं को जांच में फंसाया जा रहा है, जबकि फर्जी आवेदनों को तेजी से स्वीकार किया जा रहा है।
BJP और JDU का पलटवार भाजपा नेता दिलीप घोष ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, मुख्यमंत्री को प्रेम पत्र (चिट्ठी) लिखना बंद कर अपनी पार्टी संभालनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता हमेशा से समुदायों को डराकर राजनीति करती आई हैं। वहीं, जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने ममता के दावों को मनगढ़ंत, बेबुनियाद और झूठा करार दिया है। उन्होंने कहा कि ममता कोर्ट में अपने आरोपों को साबित करने में विफल रही हैं और अब राज्य में सत्ता परिवर्तन तय है।
विवाद का मुख्य बिंदु ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि 28 फरवरी 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के बाद किसी भी नए नाम को शामिल न किया जाए। उनका दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया के कारण अब तक 200 से अधिक लोगों की जान चली गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव के ठीक पहले मतदाता सूची का यह विवाद राज्य की सियासत में एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरेगा।
#WATCH | West Bengal Elections 2026 | Kolkata: On WB CM Mamata Banerjee s letter to CEC, AIMIM chief Asaduddin Owaisi says, We are against SIR. Our writ petition is pending before the Supreme Court. EC has no authority to check anyone s citizenship. That is MHA s job.
— ANI (@ANI) April 1, 2026
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