ई-गवर्नेंस का नया युग: सीएम फडणवीस का त्रिसूत्री फार्मूला बदल देगा महाराष्ट्र का प्रशासनिक चेहरा
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महाराष्ट्र के प्रशासनिक तंत्र में आमूलचूल परिवर्तन की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के सभी विभागों को कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए पारदर्शिता, समयबद्धता और विश्वसनीयता का त्रिसूत्री मंत्र दिया है। सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान ई-गवर्नेंस को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया।

एक राज्य, एक पोर्टल की पहल मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में अलग-अलग सरकारी वेबसाइट्स के कारण नागरिकों में भ्रम की स्थिति बनी रहती है। इसे समाप्त करने के लिए एक राज्य, एक पोर्टल की अवधारणा पर काम शुरू किया गया है। अब सभी सरकारी सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी, जिससे आम आदमी को बार-बार भटकना नहीं पड़ेगा।

महा आईडी से आसान होगा सरकारी योजनाओं का लाभ राज्य सरकार महा आईडी (MAHA ID) प्रणाली लागू करने जा रही है। प्रत्येक नागरिक को एक यूनिक आईडी दी जाएगी, जिससे उन्हें सभी सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे मिल सकेगा। यह प्रणाली न केवल सेवाओं को सुलभ बनाएगी, बल्कि डेटा के दुरुपयोग को रोकने में भी प्रभावी साबित होगी।

कागज रहित (No Paper) शासन की ओर कदम प्रशासन को नो पेपर मोड पर लाने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम ने ई-ऑफिस प्रणाली को पूरी तरह पेपरलेस बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि सरकारी कामकाज में फाइलों की आवाजाही कम हो और निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज हो सके। साथ ही, महासारथी पोर्टल का लोकार्पण किया गया है, जो एक एकीकृत डेटा बैंक के रूप में विभागों के बीच तालमेल बिठाएगा।

एआई तकनीक का बढ़ता प्रभाव कृषि विभाग का महा-विस्तार एआई (AI) ऐप राज्य के लिए एक मिसाल बन गया है। इसमें मौसम के सटीक पूर्वानुमान से लेकर कृषि तकनीक और आदिवासी भाषाओं की जानकारी तक शामिल है। मुख्यमंत्री ने अन्य विभागों से भी इसी तरह की उन्नत तकनीक को अपनाने का आह्वान किया है ताकि डेटा आधारित निर्णय लिए जा सकें।

40,000 कर्मचारियों को पदोन्नति का तोहफा बीते 150-200 दिनों के भीतर 42 विभागों की व्यापक समीक्षा के बाद लगभग 40,000 कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया है। इसके अलावा, आई गॉट (iGOT) प्लेटफॉर्म पर महाराष्ट्र ने देशभर में पहला स्थान हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है।

उत्कृष्ट विभागों और अधिकारियों का सम्मान इस अवसर पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और विभागों को सम्मानित किया गया। इसमें सार्वजनिक निर्माणकार्य, वन, परिवहन और शिक्षा जैसे विभाग शामिल रहे। साथ ही, नागपुर, ठाणे, छत्रपति संभाजीनगर, जलगांव और कोल्हापुर जैसे जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षकों को उनके शानदार प्रशासनिक कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया।

यह पहल महाराष्ट्र के प्रशासनिक ढांचे को डिजिटल युग की चुनौतियों के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है, जिससे राज्य के नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के मिल सकेगा।

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