मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य रणनीति को लेकर स्पष्ट रुख अपना लिया है। ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सैन्य अभियानों के लिए धन की कोई कमी नहीं है और जंग को जारी रखने के लिए किसी भी तरह के नए टैक्स लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जंग के लिए खजाना भरा है अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने एक साक्षात्कार के दौरान स्पष्ट किया कि सरकार के पास सैन्य जरूरतों के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध है। जब उनसे पूछा गया कि क्या युद्ध को फंड करने के लिए टैक्स बढ़ाए जाएंगे, तो उन्होंने इसे बेतुका सवाल करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सैन्य बजट के लिए ट्रिलियन डॉलर से अधिक का रिजर्व मौजूद है।
ईरान और दुश्मनों को कड़ा संदेश पेंटागन का मानना है कि ईरान के खिलाफ प्रभाव बनाए रखने के लिए अतिरिक्त निवेश की जरूरत है। बेसेंट ने स्पष्ट किया कि यह फंड मौजूदा युद्ध के खर्च के अलावा, भविष्य की सुरक्षा तैयारियों और हथियारों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए है। यह कदम सीधे तौर पर ईरान जैसे देशों के लिए एक चेतावनी है कि अमेरिका लंबी लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
टैक्स नहीं बढ़ेगा, लेकिन फंडिंग का स्रोत क्या? ट्रंप प्रशासन ने जनता को आश्वस्त किया है कि इस युद्ध का आर्थिक बोझ आम नागरिकों पर नहीं डाला जाएगा। हालांकि, प्रशासन ने यह नहीं बताया कि इस अतिरिक्त फंडिंग के लिए पैसे कहां से जुटाए जाएंगे। इस खामोशी ने कई आर्थिक विशेषज्ञों और राजनेताओं के बीच चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिकी कांग्रेस में खींचतान अमेरिकी संसद (कांग्रेस) में इस अतिरिक्त फंडिंग प्रस्ताव को लेकर रिपब्लिकन और डेमोक्रैट्स के बीच आम सहमति नहीं बन पा रही है। कई lawmaker इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए और समय मांग रहे हैं। कुछ ने सवाल उठाया है कि क्या इस भारी-भरकम खर्च से भविष्य में अमेरिका आर्थिक तंगी की चपेट में आ सकता है।
बाइडन पर हेगसेथ का हमला अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इस बहस के बीच पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि बाइडन प्रशासन के दौरान अमेरिकी सेना की स्थिति कमजोर हो गई थी और वह अपनी प्राथमिकताओं से भटक गई थी। हेगसेथ ने 200 बिलियन डॉलर के अतिरिक्त फंड का प्रस्ताव पेश किया है, ताकि दुश्मनों को खत्म करने की क्षमता को और मजबूत किया जा सके।
ट्रंप प्रशासन का यह रुख यह जताने के लिए काफी है कि वे अपनी पीस थ्रू स्ट्रेंथ (शक्ति के माध्यम से शांति) की नीति से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
WELKER: Would the administration ever raise taxes in order to fund this war?
— Aaron Rupar (@atrupar) March 22, 2026
BESSENT: Again, Kristen, terrible framing
WELKER: It s a simple question
BESSENT: It s a ridiculous question
WELKER: Can you answer it?
BESSENT: Why would we do that? We have plenty. We have a… pic.twitter.com/cOZpvf59Zf
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