पाकिस्तान के मुरीदके स्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के मुख्यालय मरकज में शनिवार (21 मार्च 2026) को ईद की खुशियां मातम में बदल गईं। लश्कर के प्रमुख रिक्रूटर और हथियार सप्लायर बिलाल आरिफ सलाफी की दिनदहाड़े बेरहमी से हत्या कर दी गई। उसे पहले गोली मारी गई और फिर चाकू से गोदकर मौत के घाट उतार दिया गया।
अति-सुरक्षित मरकज में कैसे हुई घुसपैठ? बिलाल आरिफ की हत्या लश्कर के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले मरकज तैयबा परिसर के अंदर हुई। हमला इतना सटीक था कि किसी अंदरूनी मदद के बिना इसे अंजाम देना लगभग असंभव था। चश्मदीदों और खुफिया सूत्रों के अनुसार, ईद की नमाज के ठीक बाद एक हमलावर ने उसे गोली मारी, जबकि एक महिला ने ताबड़तोड़ चाकू से वार किए। इस घटना के बाद पाकिस्तान के आतंकी संगठनों में हड़कंप मच गया है।
बदले की आग में जल रहा था गाजी उबैदुल्लाह प्रारंभिक जांच और रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हत्याकांड के पीछे लश्कर का ही वरिष्ठ ऑपरेटिव गाजी उबैदुल्लाह खान और उसकी पत्नी का हाथ बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह हत्या 3-4 साल पुराने उस मामले का बदला थी, जिसमें बिलाल आरिफ ने गाजी के दामाद अबू बक्र की हत्या की थी। बिलाल, जकी-उर-रहमान लखवी का करीबी होने के कारण तब बच निकला था, लेकिन इस बार गाजी ने खुद बदला ले लिया।
कौन था बिलाल आरिफ सलाफी? बिलाल आरिफ 2005 से लश्कर से जुड़ा था। पर्दे के पीछे रहकर काम करने वाला यह शख्स संगठन का मुख्य ब्रेनवॉशर था। वह पाकिस्तान के युवाओं को भारत विरोधी गतिविधियों के लिए तैयार करता था और कश्मीर में जिहाद का नैरेटिव फैलाता था। हथियारों की आपूर्ति और आतंक के लिए फंडिंग जुटाने जैसे अहम कामों की कमान उसी के हाथों में थी। वह लश्कर के शीर्ष नेतृत्व के इतना करीब था कि उसने लंबे समय तक अपनी पहचान गुप्त रखी, जिसकी वजह से वह भारत की वॉन्टेड लिस्ट से भी बाहर था।
लश्कर के भीतर गहरी दरारें बिलाल की मौत ने लश्कर-ए-तैयबा के भीतर चल रही आंतरिक गुटबाजी को पूरी तरह उजागर कर दिया है। लखवी के जेल में रहने के बावजूद संगठन के भीतर जिस तरह से पुरानी रंजिशें खुलकर सामने आई हैं, वे लश्कर के नेटवर्क को कमजोर कर सकती हैं। हालांकि, दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि लश्कर के अपने ही गढ़ में अब कोई सुरक्षित नहीं है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस घटना के कथित वीडियो में आतंकी का शव जमीन पर पड़ा दिखाई दे रहा है, जो संगठन की सुरक्षा दावों की पोल खोल रहा है। बिलाल की मौत से लश्कर के रिक्रूटमेंट और फंडिंग नेटवर्क में एक बड़ा खालीपन पैदा होना तय है।
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— SK Chakraborty (@sanjoychakra) March 21, 2026
Lashkar-e-Taiba(LeT) commander Bilal Arif Salafi was shot and stabbed to death inside the Markaz Taiba complex in Muridke, near Lahore, Pakistan, shortly after Eid prayers on Sunday.
A man opened fire at close range, while a woman repeatedly stabbed him… pic.twitter.com/BMhVV7n54k
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