अच्छा हुआ वह मर गए : रॉबर्ट म्यूलर की मौत पर ट्रंप की विवादित टिप्पणी से मचा हड़कंप
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पूर्व एफबीआई निदेशक और ट्रंप-रूस मामले की जांच करने वाले विशेष वकील रॉबर्ट म्यूलर का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। म्यूलर लंबे समय से पार्किंसन रोग से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर पर जहां पूरा अमेरिका उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है, वहीं पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया ने सबको चौंका दिया है।

ट्रंप ने जताई खुशी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा, रॉबर्ट म्यूलर की अभी मृत्यु हो गई। अच्छा हुआ, मैं खुश हूं कि वह मर गए। अब वह निर्दोष लोगों को नुकसान नहीं पहुंचा सकते! ट्रंप के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।

नफरत की असली वजह: रूस जांच ट्रंप की इस नफरत के पीछे मुख्य कारण 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूसी हस्तक्षेप की जांच है। म्यूलर ने दो साल तक इस मामले की गहन जांच की थी। ट्रंप इसे लगातार विच हंट , धोखा और फर्जी करार देते रहे थे। म्यूलर की रिपोर्ट में ट्रंप के अभियान और रूस के बीच संपर्कों का जिक्र था, जिसने ट्रंप की छवि को काफी नुकसान पहुंचाया था।

न्याय में बाधा का आरोप म्यूलर की 448 पन्नों की रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख था कि ट्रंप ने जांच को नियंत्रित करने या बंद कराने का प्रयास किया था। हालांकि न्याय विभाग की नीति के कारण म्यूलर ने उन पर सीधे आपराधिक आरोप नहीं लगाए, लेकिन उन्होंने ट्रंप को न्याय में बाधा डालने के आरोपों से पूरी तरह बरी भी नहीं किया था। यही वह बिंदु था, जिससे ट्रंप का गुस्सा हमेशा उबाल पर रहा।

एक सख्त और अनुशासित अधिकारी रॉबर्ट म्यूलर को 9/11 हमलों के बाद एफबीआई को आतंकवाद विरोधी एजेंसी के रूप में बदलने के लिए जाना जाता है। वे जे. एडगर हूवर के बाद एफबीआई के सबसे लंबे समय तक कार्य करने वाले निदेशक रहे। प्रिंसटन विश्वविद्यालय से स्नातक और वियतनाम युद्ध के पूर्व सैनिक रहे म्यूलर का करियर निष्पक्षता और कठोर अनुशासन का प्रतीक माना जाता था।

चुप रहकर पूरी की जांच भले ही ट्रंप लगातार उन पर निजी हमले करते रहे, लेकिन म्यूलर ने अपनी जांच के दौरान चुप्पी साधे रखी। उन्होंने कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की और न ही इन हमलों का कोई सार्वजनिक जवाब दिया। उनकी सादगी और काम के प्रति समर्पण उन्हें अमेरिकी इतिहास के सबसे चर्चित जांच अधिकारियों में से एक बनाता है। अब उनके निधन के साथ एक विवादास्पद अध्याय का अंत हो गया है, लेकिन ट्रंप की यह टिप्पणी लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रहेगी।

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