JDU में निशांत युग का आगाज़: 20 दिन की चुनौती और नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी की नई भूमिका
News Image

बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव दस्तक दे रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने अब सक्रिय राजनीति की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। बीते कुछ दिनों में उनकी बढ़ती सक्रियता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे केवल पर्दे के पीछे रहने वाले व्यक्ति नहीं, बल्कि पार्टी की कमान संभालने की तैयारी कर रहे हैं।

प्रवक्ताओं के साथ पहली औपचारिक बैठक

निशांत कुमार ने हाल ही में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रमुख प्रवक्ताओं के साथ मुख्यमंत्री आवास में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में पार्टी की रणनीति और भविष्य के एजेंडे पर चर्चा हुई। राजनीतिक गलियारों में इसे निशांत की पहली औपचारिक राजनीतिक बैठक के रूप में देखा जा रहा है, जो उनके नेतृत्व की दिशा में एक बड़ा संकेत है।

नीतीश की जगह निशांत: गांधी मैदान से लेकर ललन सिंह के आवास तक

निशांत की सक्रियता सिर्फ बैठकों तक सीमित नहीं है। ईद के अवसर पर उन्होंने पटना के गांधी मैदान पहुंचकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अनुपस्थिति में लोगों को बधाई दी। इसके बाद वे वरिष्ठ नेता ललन सिंह के आवास पर भी पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी की संगठनात्मक संरचना को समझने का प्रयास किया। यह स्पष्ट है कि वे पार्टी के दिग्गजों के बीच अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

20 दिनों का अग्निपरीक्षा समय

निशांत के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय की कमी है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की प्रक्रिया के चलते, 9 अप्रैल से पहले बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। ऐसे में निशांत के पास पार्टी की बारीकियों को समझने और खुद को बतौर नेता स्थापित करने के लिए 20 दिन से भी कम का समय बचा है। उन्हें बहुत तेजी से बैकफुट से फ्रंटफुट की राजनीति में कदम रखना होगा।

क्या निशांत संभाल पाएंगे नीतीश की विरासत?

निशांत कुमार के लिए यह केवल एक पद की लड़ाई नहीं, बल्कि नीतीश कुमार द्वारा दशकों में खड़ी की गई राजनीतिक विरासत को बचाने की चुनौती है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी हालिया गतिविधियां इस ओर इशारा करती हैं कि निशांत युग का आगाज हो चुका है। अब सवाल यही है कि क्या वे 20 दिनों के इस छोटे से टेस्ट में खरे उतर पाएंगे?

आने वाले दिन न केवल निशांत के राजनीतिक भविष्य को तय करेंगे, बल्कि जेडीयू की नई कार्यप्रणाली की तस्वीर भी साफ़ कर देंगे।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

आयरलैंड फतह की तैयारी: टीम इंडिया के दौरे का पूरा शेड्यूल हुआ जारी

Story 1

मथुरा: फरसा बाबा की संदिग्ध मौत से दहला हाईवे, गुस्साई भीड़ का पथराव और योगी सरकार की सख्त कार्रवाई

Story 1

एक टिकट में दो शो: धुरंधर-2 की स्क्रीनिंग पर लड़ाई देख रहे फैंस के बीच पॉपकॉर्न का लुत्फ उठाता दिखा शख्स

Story 1

कौन थे फरसा वाले बाबा ? गौ-रक्षक की दर्दनाक मौत के बाद मथुरा में मचा बवाल

Story 1

पटना नीट छात्रा मौत मामला: CBI की सुस्त रफ्तार पर उठे सवाल, मामा से 1 घंटे तक हुई पूछताछ

Story 1

डिफेंडिंग चैंपियन का मिशन-2026: विराट कोहली ने RCB को दिया जीत का मंत्र, कहा- अब सफर और कठिन होगा

Story 1

सड़क पर गजराज के लिए देवदूत बना शख्स, सूंड उठाकर हाथियों ने कुछ इस अंदाज में कहा शुक्रिया

Story 1

पीएम मोदी की गोद में कौन है यह बच्चा? नन्हे दोस्त के साथ वायरल तस्वीर का सच आया सामने

Story 1

राज्यसभा चुनाव में दगाबाजी : बिहार का महागठबंधन खामोश क्यों, ओडिशा से क्या सीखे आरजेडी-कांग्रेस?

Story 1

शंकराचार्य का सनसनीखेज दावा: क्या RSS पदाधिकारी ने मुस्लिम मंच के जरिए करवाई 10 लाख शादियां ?