उत्तराखंड के कोटद्वार में जिम चलाने वाले मोहम्मद दीपक इन दिनों चर्चा में हैं। 26 जनवरी को हुई एक घटना के बाद राहुल गांधी ने उन्हें 10 जनपथ बुलाकर गले लगाया था और उनकी देशभक्ति की तारीफ की थी। लेकिन अब, दीपक कानूनी पचड़ों में फंस गए हैं। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उन्हें न केवल फटकार लगाई है, बल्कि उनके खिलाफ गैग ऑर्डर भी जारी कर दिया है।
क्या है पूरा मामला? 26 जनवरी को कोटद्वार में एक मुस्लिम दुकानदार की दुकान का नाम बदलने को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने विवाद खड़ा किया था। दीपक ने इसका विरोध किया और अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया। उनका वीडियो वायरल हुआ और वह सुर्खियों में आ गए। दीपक पर दंगा करने, चोट पहुंचाने और शांति भंग करने के इरादे से अपमानित करने के आरोप में FIR दर्ज की गई थी।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी दीपक ने FIR रद्द कराने और पुलिस सुरक्षा की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने न केवल उनकी याचिका खारिज कर दी, बल्कि यह भी पूछा कि एक आरोपी पुलिस सुरक्षा की मांग कैसे कर सकता है? कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ पक्षपात के आरोपों को भी जांच को प्रभावित करने की कोशिश करार दिया।
सोशल मीडिया पर गैग ऑर्डर अदालत ने दीपक को कड़ा आदेश दिया है कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, वे सोशल मीडिया पर ऐसी कोई टिप्पणी नहीं करेंगे जिससे जांच प्रभावित हो। इसके अलावा, कोर्ट ने दीपक को मिल रहे चंदे का ब्योरा भी मांगा है। दीपक के मुताबिक, उन्हें देशभर से 80 हजार रुपये की मदद मिली है, लेकिन कोर्ट इसे संदेह की दृष्टि से देख रहा है।
राजनीतिक संरक्षण बनाम जमीनी हकीकत राहुल गांधी ने दीपक से मुलाकात कर उन्हें नफरत के खिलाफ साहस का प्रतीक बताया था। हालांकि, राजनीतिक समर्थन के बावजूद दीपक की निजी जिंदगी मुश्किलों से घिरी है। विवाद से पहले उनके जिम में 150 सदस्य थे, जो अब घटकर 15 से भी कम रह गए हैं।
आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार एक तरफ कानूनी लड़ाई है, तो दूसरी तरफ आर्थिक तंगी। जिम का 40 हजार रुपये किराया और 16 हजार रुपये की होम लोन की किश्त चुकाना दीपक के लिए मुश्किल हो गया है। फिलहाल, उनका परिवार उनकी 70 वर्षीय मां की चाय की दुकान से होने वाली मामूली कमाई पर निर्भर है। एक तरफ कोर्ट की सख्ती और दूसरी तरफ गिरता बिजनेस, दीपक के लिए आने वाला वक्त काफी चुनौतीपूर्ण लग रहा है।
करोड़ों भारतीयों के दिलों में सद्भाव और मोहब्बत की विचारधारा है, मगर मन में भय भी है - दीपक ने उन सभी को अपने साहस से राह दिखाई है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 25, 2026
जो लोग नफ़रत फैलाकर समाज को डराने की कोशिश करते हैं, वो दरअसल कायर होते हैं - उनसे कभी भी डरो मत।
दीपक ने हमारे तिरंगे और संविधान की रक्षा की है।… pic.twitter.com/lk3IMlk8x8
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