पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में चुनाव से ठीक पहले हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल को लेकर निर्वाचन आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आयोग द्वारा 50 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले को ममता ने संस्थानों का व्यवस्थित राजनीतिकरण करार दिया है।
आयोग को लिखी कड़ी चिट्ठी ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि बिना किसी पूर्व परामर्श या दुर्व्यवहार के ठोस आरोपों के इन अधिकारियों को हटाना पूरी तरह से मनमाना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह कार्रवाई प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक सिद्धांतों का उल्लंघन है।
किन बड़े पदों पर हुई अदला-बदली? चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, गृह सचिव जेपी मीणा और डीजीपी पीयूष पांडे जैसे महत्वपूर्ण पदों पर तैनात अधिकारियों को हटा दिया है। इनकी जगह दुष्यंत नरियाला को मुख्य सचिव और संघमित्रा घोष को गृह सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ममता का आरोप है कि आईबी, एसटीएफ और सीआईडी जैसे संवेदनशील विभागों के अफसरों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है।
बंगाल पर कब्जे की साजिश का आरोप ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर तीखा हमला बोलते हुए इसे उच्चतम स्तर का राजनीतिक हस्तक्षेप बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों को बंगाल से हटाया गया, उन्हें ही दूसरे राज्यों में चुनाव पर्यवेक्षक बनाया जा रहा है, जो कि गंभीर अराजकता है। उनके अनुसार, यह केंद्र द्वारा बंगाल पर जबरन कब्जा करने की सोची-समझी साजिश है।
धमकियों के आगे नहीं झुकेगा बंगाल मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार इन धमकियों के आगे घुटने नहीं टेकेगी। उन्होंने कहा, मैं बंगाल के हर अधिकारी और उनके परिवार के साथ खड़ी हूं। ममता ने आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी एकतरफा कार्रवाइयां सहकारी संघवाद (Co-operative Federalism) को कमजोर करती हैं और राज्य में अनिश्चितता का माहौल पैदा करती हैं।
विवाद के मुख्य बिंदु:
फिलहाल, इस प्रशासनिक उथल-पुथल ने पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल को और अधिक गर्मा दिया है। देखना यह होगा कि निर्वाचन आयोग ममता बनर्जी के इन आरोपों का क्या जवाब देता है।
I have written to the Chief Election Commissioner, expressing deep concern over the Election Commission’s arbitrary and unprecedented actions.
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) March 19, 2026
The large-scale transfer of senior officials, without consultation, reason, or any allegation of misconduct, seriously disrupts… pic.twitter.com/pw3ribIWzE
जामा मस्जिद में रंगे हाथों पकड़ी गई चोरनी! भीड़ का फायदा उठाकर कर रही थी पर्स साफ
पति डंडा लेकर पीछे दौड़ा, पत्नी ने कुएं में मारी छलांग: वीडियो देख सन्न रह गया पूरा गांव
सीएम हेमंत सोरेन को असहज करना पड़ा भारी, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव कांग्रेस से 3 साल के लिए निष्कासित
‘वह धोनी नहीं, बस संजू सैमसन है’: जब गंभीर ने थरूर को टोककर दी थी सबसे बड़ी नसीहत
बिहार में मौसम का अलर्ट : 3 जिलों में ऑरेंज तो 22 में येलो अलर्ट, झमाझम बारिश के आसार
2027 वर्ल्ड कप तक टीम इंडिया की कमान संभालने की तैयारी में अजीत अगरकर, BCCI के सामने रखी बड़ी मांग
दिल्ली में मौसम का यू-टर्न: पहाड़ों पर बर्फबारी से गिरा पारा, कल और बिगड़ेगा मौसम!
जड़ों जैसा दिख रहा था ढेर, पास जाने पर दिखा विशाल अजगरों का झुंड; खौफनाक मंजर देख सहमे लोग
असम चुनाव: कांग्रेस-रायजोर दल के बीच फंसा पेच, 5 घंटे की मैराथन मीटिंग के बाद भी नहीं बनी बात
आईपीएल 2026: रवींद्र जडेजा की फिरकी पर भारी पड़ा 15 साल के वैभव का युवा जोश , नेट्स में मचाया धमाल