बंकर बस्टर का कहर! होर्मुज में अमेरिका ने की भीषण एयरस्ट्राइक, ईरान के मिसाइल ठिकानों को किया तबाह
News Image

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब एक नए खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक पुष्टि की है कि अमेरिकी वायुसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान के कड़े मिसाइल ठिकानों पर भारी बमबारी की है। इस हमले में 2,200 किलो (5,000 पाउंड) वजनी डीप पेनिट्रेटर बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया।

क्या था अमेरिकी निशाना?

अमेरिकी हमले का मुख्य केंद्र ईरान की तटरेखा पर मौजूद एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइल सिस्टम थे। CENTCOM के अनुसार, ये मिसाइलें अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए लगातार खतरा बनी हुई थीं। अमेरिका का तर्क है कि वैश्विक जहाजरानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इन ठिकानों को नष्ट करना अनिवार्य था।

विध्वंसक बंकर बस्टर की ताकत

ये 5,000 पाउंड के बम साधारण गोला-बारूद नहीं हैं। इन्हें विशेष रूप से उन लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है जो जमीन के गहरे अंदर, मोटी कंक्रीट और चट्टानों के नीचे सुरक्षित होते हैं। ये बम जमीन को चीरते हुए गहराई तक जाते हैं और फिर अंदर जाकर विस्फोट करते हैं, जिससे भूमिगत मिसाइल बेस और स्टोरेज बंकर पूरी तरह तबाह हो जाते हैं।

होर्मुज का लाइफलाइन होना

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारा है। दुनिया के तेल और गैस का एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे रास्ते से गुजरता है। ईरान द्वारा इस रास्ते को बाधित करने की कोशिशों के कारण अमेरिका ने अपनी फ्रीडम ऑफ नेविगेशन नीति के तहत यह सैन्य कार्रवाई की है। इस हमले का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर पड़ना तय माना जा रहा है।

क्या ईरान पलटवार करेगा?

हालांकि अमेरिका ने ईरानी मिसाइल क्षमता को कमजोर करने का दावा किया है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि खतरा अभी टला नहीं है। ईरान के पास मोबाइल मिसाइल लॉन्चर और कई अन्य भूमिगत स्टोरेज ठिकाने मौजूद हैं। इस हमले के बाद खाड़ी देशों में खौफ का माहौल है और ईरान की अगली प्रतिक्रिया क्या होगी, इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी की सांसें अटकी हुई हैं।

बढ़ता सैन्य तनाव

यह घटना कोई इकलौती कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी अमेरिका ने ईरानी परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने के लिए 30,000 पाउंड तक के भारी बमों का इस्तेमाल किया था। जैसे-जैसे मध्य-पूर्व में इजरायल और खाड़ी देशों के बीच संघर्ष का दायरा बढ़ रहा है, होर्मुज के आसपास की स्थिति बारूदी ढेर पर बैठी नजर आ रही है। अब दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील होगा।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

बिहार का नया किंग कौन? सम्राट चौधरी के सीएम बनने पर डिप्टी सीएम की कुर्सी पर किसकी नजर?

Story 1

जॉगिंग ट्रैक पर गूंजी धुरंधर की चर्चा: फिनलैंड और कनाडा के नेताओं का वीडियो हुआ वायरल

Story 1

इंदौर अग्निकांड: EV चार्जिंग पॉइंट में ब्लास्ट से 7 लोगों की जिंदा जलकर मौत, घर में धमाकों से दहल उठा इलाका

Story 1

पीएम मोदी को केजरीवाल की खुली चुनौती: दिल्ली में चुनाव करा लो, बीजेपी 10 सीट भी नहीं जीत पाएगी

Story 1

द हंड्रेड में अबरार अहमद की एंट्री पर मचा बवाल, क्या काव्या मारन की टीम पर उठ रहे सवाल?

Story 1

ऐसा नजारा सिर्फ इंडिया में ही मिलेगा: सगुन लेने को लेकर छिड़ी जंग का वीडियो वायरल

Story 1

होर्मुज तनाव के बीच भारत के लिए बड़ी राहत: 6 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर गुजरात पहुंचा जग लाडकी

Story 1

OnePlus Nord 6: क्या 9000mAh बैटरी के साथ तहलका मचाएगा ये फोन? लीक हुए धांसू फीचर्स

Story 1

राहुल-प्रियंका की नितिन गडकरी से मुलाकात: बस बॉडी बिल्डर्स की समस्याओं का निकलेगा समाधान?

Story 1

केदारनाथ जाना अब सारा अली खान के लिए होगा चुनौतीपूर्ण? मंदिर समिति का नया नियम और कंगना का बड़ा बयान